बस्ती। गांधीकला भवन में शनिवार को राष्ट्रीय निषाद एकता परिषद का सम्मेलन हुआ। मुख्य अतिथि रहे निषाद एकता परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय कुमार निषाद ने सभी दलों पर निषाद समाज को ठगने का आरोप लगाया। कहा कि जिन जातियों ने अपने महापुरुषों को आदर्श माना उन्हें सत्ता में भागीदारी मिली। महापुरुषों के आदर्शों पर चलकर ही शासन सत्ता प्राप्त की जा सकती है।
अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि राजनीतिक दलों के कुछ सामंतवादी विचारधारा के लोग निषाद समाज के वोट की खरीद-फरोख्त कर शासन सत्ता से वंचित कर रखे हैं। ऐसे लोगों से निषाद समाज को सावधान रहने की आवश्यकता है। सपा सरकार पिछले चार साल से लोगों को गुमराह कर रही है। जातियों के नाम पर वोट बैंक की राजनीति कर रही है।
युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र मणि निषाद ने कहा कि संसद और विधानसभा में एससी कोटे का लाभ दिलाने के लिए सभी पार्टी के नेता आश्वासन तो देते हैं, मगर उसे अमली जामा नहीं पहनाते। कहा कि सपा ने वोट तो सबसे लिया, मगर लाभ विशेष वर्ग को पहुंचाया। यही कार्य बसपा की मायावती ने भी किया। निषाद एकता परिषद प्रदेश में अभियान चलाकर संगठन के लोगों को प्रशिक्षित करेगा, जिससे संगठन को मजबूती मिलेगी।
जिलाध्यक्ष अजय निषाद ने कहा कि जातिगत आधार पर क्रिमिनल ट्राइब्स एक्ट लागू कर निषादों को जरायम एवं अपराधी जनजाति घोषित कर अधिकारों से वंचित कर दिया गया। कार्यक्रम का संचालन घनश्याम निषाद ने किया। इस मौके पर नेबू लाल, निषाद, इंद्रदेव निशाद, देव साहनी, अश्विनी निषाद, छट्ठी लाल, बलिराम, मोनू कुमार, अरुण कुमार, ज्ञानप्रकाश, रामफेर, शिवपूजन, वीरेंद्र, रामनेवास व देवी प्रसाद आदि मौजूद रहे।