बस्ती। बस्ती चीनी मिल चलवाने को लेकर मिल गेट पर आमरण अनशन गुरुवार को
चौथे दिन भी जारी रहा। उनके समर्थन में कई संगठन उतर आए हैं। भाकियू
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दीवानचंद चौधरी अनशन स्थल पर पहुंचे।
भाकियू
नेता ने आंदोलन को समर्थन दिया। अनशन पर बैठे किसान नेताओं और मिल श्रमिकों
की हालत बिगड़ने लगी है, मगर वे अनशन को लेकर अडिग हैं। उनका कहना है कि
जब तक बस्ती चीनी मिल चालू करने की घोषणा नहीं हो जाती, वे अनशन जारी
रखेंगे।
आमरण अनशन पर किसान और श्रमिक नेता आशुतोष सिंह, सुरेंद्र
नाथ मिश्र, बृजेश कुमार सिंह, पूर्व जिला पंचायत सदस्य व किसान नेता बच्चा
लाल चौधरी, जयप्रकाश शुक्ल, प्रेमसागर चौधरी डटे रहे। इन लोगों ने कहा कि
वे आखिरी सांस तक मिल चलवाने को लेकर आंदोलन पर डटे रहेंगे।
भाकियू
के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दीवानचंद चौधरी और मंडल उपाध्यक्ष दीवान चंद पटेल
ने कहा कि प्रदेश सरकार किसान हितों की अनदेखी कर रही है। बस्ती मंडल में
गन्ना ही किसानों की मुख्य नकदी फसल रही है।
मिलों की बंदी से
गन्ना किसानों की रोजी-रोटी छिन गई है। बावजूद, सरकार किसानों के साथ खड़ा
होने के बजाए मिल प्रबंधन को संरक्षण दे रही है। अगर शीघ्र चीनी मिल को
चालू नहीं किया गया तो आंदोलन को बृहद रूप दिया जाएगा।
अनशन स्थल
पर गुरुवार को बस्ती व्यापार मंडल प्रतिनिधिमंडल के जिलाध्यक्ष आनंद
राजपाल, एपीएन पीजी कॉलेज छात्रसंघ के अध्यक्ष महिपाल पटेल, सतीश सिंह आदि
बड़ी संख्या में लोगों ने समर्थन दिया।
अनशन स्थल पर सभा का संचालन
शिवशक्ति चीनी मिल मजदूर संघ के अध्यक्ष सूर्यमणि चतुुर्वेदी ने किया। इस
मौके पर विवेक चौधरी, विपिन शुक्ल आदि उपस्थित रहे।
बस्ती चीनी मिल
चलवाने के लिए मिल गेट पर आमरण अनशन पर बैठे श्रमिकों और किसानों को
इंडियन सवर्ण समाज पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव रामानंद पांडेय पगड़ी बाबा
ने समर्थन दिया है। उन्होंने कहा कि मिल चलवाने के लिए वे हर संघर्ष में
साथ रहेंगे।