बस्ती। मुख्य विकास अधिकारी, डीडीओ और डीसी मनरेगा के साथ मंगलवार को कर्मचारियों के साथ वार्ता के बाद नाराज कर्मचारी ड्यूटी पर लौट आए। कमरों में लगे ताले खुल गए और कर्मचारियों ने अपने-अपने पटल पर काम करना शुरू कर दिया। इससे अधिकारियों और फरियादियों ने राहत की सांस ली।
शनिवार को दोपहर बाद अचानक ग्राम्य विकास विभाग के कर्मचारी सामूहिक रूप से डीडीओ को प्रार्थना पत्र देकर अनिश्चितकालीन अवकाश पर चले गए थे। कर्मचारियों ने दिए गए प्रार्थना पत्र में मुख्य विकास अधिकारी पर मानसिक शोषण करने का आराेप लगाते हुए उनके साथ कार्य करने में असमर्थता जताई थी। इसके बाद वे विकास भवन स्थित अपने अपने कार्यालयों में ताला लगाकर चले गए थे। साेमवार को उनके कक्षों में ताला लटका रहा। इससे विभागीय कार्य प्रभावित हुए।
मंगलवार को भी कार्यालयाें में सुबह ताला लटका देख मुख्य विकास अधिकारी ने कर्मचारियों को अपने कक्ष में बुलवाया। उनके साथ ही डीडीओ अजय कुमार सिंह, उपायुक्त श्रम रोजगार संजय शर्मा व राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के कार्यवाहक जिलाध्यक्ष रामअधार पाल को भी अपने कक्ष में बुलाया। वार्ता के दौरान कर्मचारियों ने कहा कि नई भर्ती न होने से दिन प्रतिदिन स्टाफ की संख्या कम होती जा रही है। संसाधनों की भी कमी है। कार्य करना चुनाैतीपूर्ण होता है। ऐसे में दबाव पड़ने पर कर्मचारी मानसिक रूप से परेशान हो जाते हैं।
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के कार्यवाहक अध्यक्ष ने सीडीओ से कहा कि कर्मचारी आपके हैं, इनका सुख, दु:ख भी आपको ही देखना है। सीडीओ ने सभी की बातें गंभीरता से सुनी और कहा कि कर्मचारी बेहिचक अपनी समस्याओं को उनसे साझा कर सकते हैं,वह समस्याओं के निदान का प्रयास करेंगे।
इस मौके पर ग्राम्य विकास मिनिस्ट्रीयल एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष मुकेश कुमार सोनकर, मंत्री सुजीत, विकास भवन कर्मचारी संघ के मंत्री ओम प्रकाश, सज्जन प्रसाद उपध्याय, अखिलेश शरण पांडेय, आलोक चौधरी, रामलाल, सुमिरन, संजय श्रीवास्तव, वीरेंद्र प्रताप, धीरेंद्र यादव आदि मौजूद रहे।