बस्ती से होकर गुजरती बिहार जा रही ट्रेन के कोच में नहीं थी जगह
बस्ती। दिवाली और छठ पूजा के बाद भी ट्रेनों और बस में भीड़ कम नहीं हुई, बल्कि बढ़ गई है। वहीं, बस को छोड़ ट्रेन यात्रियों की पहली प्राथमिकता में है। इससे ट्रेन के कोच में जगह नहीं और यात्री भरे पड़े हैं। कोच के अंदर रूमाल, गमछा आदि बांधकर लटककर लोग सफर कर रहे हैं। इससे कई यात्रियों की तबीयत भी बिगड़ जा रही है।
रेलवे ने दिवाली और छठ पर अतिरिक्त फेरों में ट्रेनें चलाने का दावा तो किया था, लेकिन हकीकत कुछ और नजर आ रही है। छठ के बाद भी इतनी भीड़ उमड़ रही है कि ट्रेनों में पैर रखने तक की जगह नहीं है। जनरल कोचों में यात्री भूसे की तरह भरे हैं। बस्ती रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार को पहुंची कई ट्रेनों में यही हाल दिखा। स्पेशनल ट्रेन हो या फिर रोजाना आने-जाने वाली ट्रेनें सभी फुल हैं। जनरल कोच में ऐसे हालात हैं कि यात्री उसमें बीमार पड़ जा रहे। जहां जो बैठ गया, या खड़ा है दोबारा वहां से निकल नहीं पाता। कोई शौचालय में तो कोई कोच की छतो से लटककर कर यात्रा करने को विवश हुआ। सत्याग्रह हो, वैशाली, अवध हो या फिर अन्य ट्रेनें हालत ऐसे कि स्लीपर कोच में जनरल जैसा हाल है। कई ट्रेनों में जनरल कोच में यात्री चादर बांधकर लेटे दिख रहे। इस कोच के यात्रियों ने बताया कि वे 24 घंटे से सीट से हिल-डुल तक नहीं पाए। डर की वजह से पानी तक नहीं पी रहे कि वॉशरूम कैसे जाएंगे। डाउन ट्रेनों का हाल खराब है। वहीं, अप में भी अब भीड़ उमड़ रही है। आरपीएफ इंस्पेक्टर का कहना है कि ट्रेन में जांच की जा रही है। यात्रियों को सुरक्षित सफर के लिए सावधानी पूर्वक यात्रा के लिए प्रेरित करते हैं। वहीं, रोडवेज की बसें भी फुल होकर आ-जा रही। हालांकि शुक्रवार को बारिश के चलते कई बसें बेड़े में ही खड़ी रह गईं। एआरएम आयुष भटनागर ने बताया कि बसें अनवरत चल रही हैं।
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बिहार जाने वाली ट्रेनों में सर्वाधिक भीड़
बस्ती से होकर गुजरने वाली अधिकांश ट्रेन बिहार राज्य तक जाती है। डाउन की सभी ट्रेनों में यात्री खचाखच भरे हैं। बिहार में हो रहे विधानसभा चुनाव के दृष्टिगत भी भीड़ बढ़ गई है। इससे अन्य यात्रियों के सामने भी संकट है।