- 13 जनवरी की रात पुरानी बस्ती के सबदेइया कला के पास से हुआ था लापता
- पुलिस लाइंस सभागार में एएसपी ने किया मामले का खुलासा
- अपहरण की झूठी कहानी गढ़ने वाले युवक को भेजा गया जेल
बस्ती। उदयपुर निवासी सीएससी संचालक राज कुमार चौधरी ने ऑनलाइन ट्रेडिंग में 50 लाख रुपये गंवाने के बाद अपहरण का नाटक किया था, ताकि रुपये मांगने वालों की सहानुभूति हासिल कर पाए। लेकिन, उसकी चाल कामयाब नहीं हो पाई। घबराकर वृंदावन पहुंचने के बाद वह खुद पुलिस के पास चला गया। एसओजी, क्राइम ब्रांच और पुरानी बस्ती पुलिस उसे वृंदावन से थाने ले आई और अपहरण की झूठी कहानी बनाकर परेशान करने की धारा में केस दर्ज कर कोर्ट में पेश किया, जहां से जेल भेज दिया।
सोमवार को एएसपी ओम प्रकाश सिंह ने पुलिस लाइंस सभागार में पत्रकारवार्ता के दौरान मामले का खुलासा करते हुए बताया कि राज कुमार बहुत सारे लोगों से करीब 50 लाख रुपये लेकर ट्रेडिंग में लगाया था, जिसमें उसके पैसे डूब गए। रुपये लगाने वाले अपने रुपये वापस मांगने लगे थे, जिसके बाद उसने 13 जनवरी की रात खुद अपने अपहरण की कहानी बनाई।
पूछताछ के आधार पर एएसपी ने बताया कि पुरानी बस्ती क्षेत्र के कुटियाज ढाबा पर खाना खाने के बाद वह सबदेइया कला पहुंच कर अपनी बाइक, काला बैग, पर्स सड़क के किनारे फेंकने के बाद ऑटो से बड़ेबन आया। वहां से बस में बैठकर कानपुर पहुंचा। कानपुर से ट्रेन पकड़कर प्रयागराज पहुंचा। फिर वहां से प्रयागराज से मथुरा चला गया था। जनपद मथुरा में पहुंचने के बाद मोबाइल से सिम भी निकाल कर फेंक दिया था। मथुरा रेलवे स्टेशन से कोर्ट एरिया पहुंच कर वहां से अपने परिजनों को फोन किया।
इन लोगों का बकाया
यश चौधरी के चार लाख, अमन चौधरी तीन लाख, जगदीश चौधरी दो लाख, सत्य प्रकाश उर्फ काजू एक लाख, 11 लाख 50 हजार रुपये सर्वेश, 52 हजार इंद्रासन, 15 लाख उमेश कुमार निषाद का बकाया बताया। इसके अलावा अन्य कई लोगों का मिलाकर करीब 50 लाख रुपये वह गंवा चुका है।
इस तरह लापता हुआ था राजकुमार
एएसपी ओम प्रकाश सिंह ने बताया कि मुंडेरवा क्षेत्र के उदयपुर निवासी राज कुमार (32) ओड़वारा बाजार में सहज जनसेवा केंद्र चलाता है। परिवार के लोगों ने बताया कि 13 जनवरी की शाम किसी काम से बस्ती गया था। वहां एक कंपनी की बैठक में हिस्सा लेने के बाद एक ढाबे पर खाना खाया। इससे पहले फोन कर उसने घर पर बताया था कि ढाबे पर खाना कर हाईवे के रास्ते बाइक से घर लौटेगा। देर रात उसके आगरा में रहने वाले एक दोस्त का फोन आया कि उसका फोन बंद आ रहा है। इसके बाद परिजनों ने खोजबीन शुरू की। पुरानी बस्ती के सबदेइया कला गांव के पास उसकी बाइक, पर्स आदि मिला था। तभी से पुलिस और परिवार के लोग उसे ढूंढ रहे थे।