जिले के अधिवक्ताओं में प्रशासन की जोर जबरदस्ती के प्रति काफी नाराजगी है। बुधवार को सिविल बार एसोसिएशन के साधारण सभा की बैठक दिन में वरिष्ठ उपाध्यक्ष परमात्मा प्रसाद चौधरी शेषमणि पांडेय एडवोकेट के पत्र पर हुई।
अध्यक्ष रमाशंकर पांडेय की अध्यक्षता में सभी ने इस पर विचार किया। इसमें वरिष्ठ उपाध्यक्ष के भाई प्रमोद कुमार उर्फ गिल्लम चौधरी के एमएलसी चुनाव में भाजपा की ओर से प्रत्याशी हैं।
आरोप लगाया कि चुनाव अधिकारी डीएम व एसपी उनको और उनके भाई को नामांकन वापस लेने के लिए धमका रहे हैं। परिवार के लोगाें को आपराधिक मुकदमें में फंसाने की धमकी दी जा रही है।
प्रशासन के इस कृत्य की सभी अधिवक्ताओं ने निंदा किया। इसके बाद अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य का बहिष्कार किया। गुरुवार को भी न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया गया।
बाद में सिविल बार के अध्यक्ष रमाशंकर पांडेय के नेतृत्व में अधिवक्ता डीआईजी लक्ष्मी नारायन से मिलकर मामले से अवगत कराया। डीआईजी से मामले में दखल देकर उचित कार्यवाई की मांग की।
इस पर डीआईजी ने अधिवक्ताओं को सकारात्मक भरोसा दिलाया कि उनके साथ न्याय होगा। इस मौके पर महामंत्री प्रेम प्रकाश श्रीवास्तव, इंद्रमणि त्रिपाठी, जनपद बार के अध्यक्ष जवाहर लाल मिश्रा, महामंत्री रविशरण सिंह, मारुत कुमार शुक्ला, परमात्मा प्रसाद चौधरी, अजय कुमार सिंह, दिनेश नरायन त्रिपाठी, रवि प्रताप सिंह, अजय कुमार श्रीवास्तव, जनार्दन प्रसाद आदि अधिवक्ता शामिल रहे। अधिवक्ताओं ने घटनाक्रम से जिला जज, कमिशभनर, जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष के अलावा पत्र भेजकर बार कौेंसिल आफ उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष को भी अवगत कराया।