संवाद न्यूज एजेंसी
कप्तानगंज(बस्ती)। बैदोलिया अजायब गांव निवासी अधिवक्ता चंद्रशेखर यादव का अपहरण कर मौत के घाट उतारने में मुख्य भूमिका निभाने वाले मास्टर माइंड संदीप यादव उर्फ मोनू और उसके साथियों का पता लगाने के लिए पुलिस ने दिन-रात एक कर दिए हैं। माना जा रहा है कि उसके गिरफ्त में आने के बाद हत्याकांड के पूरे घटनाक्रम की जानकारी हो पाएगी।
मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए हर्रैया पुलिस, स्वॉट, एसओजी की टीमें मोबाइल सीडीआर और सर्विलांस के जरिये जाल बुन रही हंै। मगर, आरोपी हाथ नहीं आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि मुख्य आरोपी सियासी संरक्षण में पहुंच चुका है और पुलिस के लिए उसे गिरफ्तार कर पाना आसान नहीं दिख रहा है।
काफी हाथ-पांव मारने के बाद पुलिस पांच दिन बीत जाने के बाद अब तक सिर्फ अधिवक्ता के बहनोई रणजीत यादव और उसके ममेरे भाई सोहित उर्फ विनय की गिरफ्तारी कर पाई है।
घटना को अंजाम देने वाले आधा दर्जन से अधिक आरोपी बताए जा रहे हैं। केस में खम्हरिया गंगाराम गांव के अनुराग यादव उर्फ राघवेंद्र और आदित्य कुमार यादव निवासी किशुनपुर थान्हा खास हर्रैया का नाम भी शामिल किया है।
इन दोनों को भी पुलिस सरगर्मी से तलाश कर रही है। एएसपी ओपी सिंह ने बताया कि पुलिस हर बिंदुओं पर जांच-पड़ताल कर रही हैं। उधर, घटना के बाद से ही अधिवक्ता के घर क्षेत्रीय लोगों और रिश्तेदारों का तांता लगा हुआ है। अधिवक्ता के पिता कृष्ण चंद्र सहित पूरा परिवार गमगीन है।
बता दें कि बैदोलिया अजायब गांव के चंद्रशेखर यादव पुत्र कृष्ण चन्द्र यादव बस्ती कचहरी में अधिवक्ता थे। उनकी बहन की शादी हर्रैया थाना क्षेत्र के खम्हरिया गंगाराम में हुई थी।
बहन सोनमती का पति रंजीत से विवाद था। शनिवार की शाम को गांव के बजरंगी यादव के साथ चंद्रशेखर बोलेरो से महराजगंज बाजार आए थे। देर शाम करीब 7:30 बजे घर जाते समय हर्रैया थाना क्षेत्र के नरायनपुर तिवारी गांव के पास एक स्कार्पियो ने बोलेरो को ओवरटेक कर रोक लिया और चंद्रशेखर को खींचकर अपनी स्कार्पियो में बैठाकर महराजगंज की ओर चले गए।
बजरंगी ने पुलिस और परिवार के लोगों को फोन करे जानकारी दी। उन्हें लहूलुहान हालत में गनेशपुर बाजार स्थित हसन पेट्रोल पंप के पर पाया गया। जिला अस्पताल ले जाने पर चंद्रशेखर को मृत घोषित कर दिया गया था।