अब तक जिला अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंच चुके है फूड प्वाइजनिंग के शिकार सौ मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। होली के त्योहार में नकली खोआ, पनीर, मिठाई और अन्य मिलावटी खाद्य पदार्थ लोगों को बीमार बना रहा है। अब तक जिला अस्पताल की इमरजेंसी में फूड प्वाइजनिंग के शिकार सौ मरीज पहुंच चुके हैं। लगभग इतने ही लोग मेडिकल काॅलेज के ओपेक चिकित्सालय कैली में भी पंजीकृत किए गए हैं। त्योहार के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने अधोमानक और मिलावट होने के संदेह पर 50 से अधिक नमूने भरे थें। इसकी रिपोर्ट लैब से प्राप्त नहीं हुई है। फिर भी माना जा रहा है कि बाजार में मिलावट का खेल आम लोगों की सेहत पर भारी पड़ा है।
होली की बाद जिला अस्पताल की इमरजेंसी में दो सौ से अधिक मामले आए। इसमें 50 फीसदी के आसपास मरीज फूड प्वाइजनिंग के शिकार बताए गए हैं। इन मरीजों में पेट दर्द, उल्टी-दस्त, गैस आदि की शिकायत रही है। गनीमत यह कि अधिकतर मरीज इलाज के कुछ ही घंटे में स्वस्थ होकर घर लौट गए। जबकि कुछ मरीजों को भर्ती कर इलाज कराना पड़ रहा है।
मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री का चलन तेजी से बढ़ा है। मिलावट खोर रातोरात अमीर बनने की लालसा में लोगों के सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। मिलावटखोरों के लिए त्योहार सबसे अच्छा मौका होता है। आम ग्राहक खाद्य पदार्थों में मिलावट को भाप नहीं पाते और उसका सेवन कर लेते हैं। चिकित्सकों के अनुसार, यही बीमारी का कारण बन रहा है। बीते दिनों होली में भी यही हुआ। खोआ, मिठाई, मसालों आदि में जमकर मिलावट की गई। इसका परिणाम यह रहा है होली के दिन ही जिला अस्पताल में 67 मरीज पहुंच गए। जबकि दूसरे दिन 50 से अधिक मरीज पहुंचे।
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कोट
होली में और उसके बाद फूड प्वाइजनिंग, पेट दर्द, गैस, उल्टी आदि की समस्या लेकर आने वाले मरीजों की संख्या बढ़ी है। ओपीडी में आने वाले 50 फीसदी मरीज इसी तरह की समस्या को लेकर पहुंच रहे है। खाद्य पदार्थों के सेवन में सतर्कता बरतने की जरूरत है।
- डाॅ. अंकित चतुर्वेदी, परामर्श चिकित्सक, जिला अस्पताल