हस्तशिल्पकार शिक्षक आलोक को प्रशासनिक सम्मान
आयुक्त योगेश्वर राम मिश्र ने प्रशस्तिपत्र देकर किया सम्मानित, अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव में अपनी कलाओं के माध्यम से बनाई अलग पहचान
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। कला एवं शिल्प क्षेत्र में महारत हासिल करने एवं अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव में एक अलग पहचान बनाने वाले शिक्षक आलोक शुक्ल को सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मंडलायुक्त योगेश्वर राम मिश्र, डीएम प्रियंका निरंजन व सीडीओ डॉ. राजेश प्रजापति ने प्रशस्तिपत्र देकर सम्मानित किया। कहा कि इनकी शिल्प कला से पूरा जिला गौरवान्वित हुआ है।
मंडलायुक्त योगेश्वर ने कहा कि वर्तमान में कचरा प्रबंधन व जल संचयन दो बड़ी चुनौतियां हैं। ऐसे में आलोक का कचरे से उपयोगी कृतियों का निर्माण करना अनूठी पहल है। इस पर बड़े पैमाने पर कार्य होना चाहिए। आयुक्त ने प्रशंसा करते हुए कहा कि जिस तरह से शिक्षक ने अपनी कलाओं के माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव में जो पहचान बनाई है, उससे जिला और प्रदेश का नाम रोशन हुआ। इनके इस पहल से पूरा जिला गौरवान्वित महसूस कर रहा है।
डीएम प्रियंका निरंजन ने कहा कि प्रशासन आलोक के ‘‘वेस्ट टू क्राफ्ट’’ को शहर के मुख्य तिराहे पर स्थापित कराने के साथ आगे भी इस विधा पर बड़े पैमाने पर कार्य करवाने की योजनाओं पर विचार कर रहा है।
आलोक ने बताया कि वह कचरा प्रबंधन के साथ-साथ पर्यावरण के अनुकूल, सर्व सुलभ व कम लागत में ज्यादा लाभ दे सकने के कारण अनुपयोगी वस्तुओं से उपयोगी व सजावटी हस्तशिल्पों का निर्माण कर रहा हूं। आलोक का मानना है कि रचनात्मकता, नकारात्मकता को पूरी तरह से नष्ट कर देती है। इसी सोच को लेकर जिला प्रशासन के सहयोग से वह जिला कारागार में महिला बंदियों को भी अखबार की लुग्दी से लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियों के निर्माण का प्रशिक्षण दे चुके हैं।