मुठभेड़ में घायल हुआ कड़सरा गोली कांड का आरोपी
- चार अन्य आरोपी भी अयोध्या से किए गए गिरफ्तार
- चार फरवरी को परशुरामपुर के कड़सरा में हुई थी घटना
- तैश में आकर गांव के विपक्षी पर चलाई थी गोली
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। परशुरामपुर थानाक्षेत्र के कड़सरा गोली कांड के आरोपी रोहन उर्फ चमन सिंह से सोमवार तड़के बैजलपुर के पास पुलिस की मुठभेड़ हो गई। घिरने के बाद उसने पुलिस टीम पर गोली चला दी। पुलिस की जवाबी फायरिंग में एक गोली उसके बाएं पैर के घुटने में जा लगी। घायल अवस्था में पुलिस उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल ले गई। गोलीकांड में शामिल चार अन्य आरोपी भी अयोध्या के सैनिकपुरम से गिरफ्तार किए गए।
एसपी आशीष श्रीवास्तव ने प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि कड़सरा निवासी राजेश सिंह आदि का उनके पट्टीदार रंजीत सिंह से पुरानी रंजिश है। चार फरवरी को गांव में ही राजेश सिंह अपने पुत्रों के साथ रंजीत सिंह के दरवाजे पर विवाद कर रहा था। आवाज सुनकर सामने स्थित अपने घर से श्रीकांत उर्फ आनंद सिंह निकले और बीच-बचाव करने लगे। इसी दौरान रोहन सिंह ने श्रीकांत उर्फ आनंद सिंह पर फायर कर दिया। गंभीर रूप से घायल अवस्था में श्रीकांत सिंह को जिला अस्पताल अयोध्या और वहां से ट्रामा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया गया।
इसके अगले दिन श्रीकांत सिंह के चचेरे भाई अमित सिंह की तहरीर पर पुलिस ने राजेश सिंह, रोहन उर्फ चमन सिंह और निखिल सिंह पर हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज किया। तफ्तीश के दौरान राजेश सिंह के पुत्र कुंदन सिंह उर्फ कृष्णा सिंह और संतोष गौड़ का भी नाम प्रकाश में आया। यह सभी तभी से फरार थे।
इस तरह हुई मुठभेड़
परशुरामपुर पुलिस ने स्वाट और सर्विलांस टीम की मदद से अयोध्या के सहादतगंज के मोहल्ला सैनिकपुरम स्थित एक मकान से राजेश सिंह, कुंदन उर्फ कृष्णा, संतोष गौड़ और निखिल सिंह निवासी कड़सरा को गिरफ्तार किया। इन चारों के जरिए सुराग मिलने पर भोर के करीब चार बजे परशुरामपुर से बैजलपुर जाने वाले रास्ते पर रोहन सिंह को घेर लिया। एसपी के अनुसार पुलिस टीम को देखकर उसने गोली चला दी। गोली एक आरक्षी के कोहनी के नीचे से गुजर गई। पुलिस ने जवाबी फायरिंग की, जिसमें एक गोली रोहन उर्फ चमन सिंह के घुटने में जा लगी। एसपी ने बताया कि जिला अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है। एसपी के अनुसार चमन सिंह ने कबूल किया कि विवाद के दौरान उसने तैश में आकर श्रीकांत सिंह पर गोली चलाया था।
गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम -
मुठभेड़ में प्रभारी निरीक्षकरामेश्वर यादव, एसआई श्याम सुन्दर, स्वाट प्रभारी उमाशंकर त्रिपाठीएसआई अजय कुमारभारती, सर्विलांस प्रभारी शशिकांत एवं उनकी टीम शामिल रही।
हाल में ही जेल से छूटा था रोहन
पुलिस की गोली से घायल रोहन उर्फ चमन सिंह इससे पहले श्रंगीनारी स्थित शराब की दुकान के मुनीम की हत्या करके लूट के मामले में जेल जा चुका है। 10 अप्रैल 2022 को परशुरामपुर थानाक्षेत्र के धुनियाभीटी गांव के मोड़ पर मुनीम विनय सिंह को गोली मारकर 34 हजार रुपये लूट लिया गया था। मुनीम विनय सिंह की मौके पर ही मौत हो गई थी। 22 मई को पुलिस ने इस मामले में कड़सरा निवासी इरफान को मुंबई से, गोंडा जिले के छपिया क्षेत्र के सुरुआरपुर से मो. इस्लाम और रोहन उर्फ चमन सिंह को कड़सरा गांव के तालाब के पास से गिरफ्तार किया था। रोहन के पास से लूट के 20 हजार रुपये भी बरामद किए गए थे। बाद में इन तीनों पर गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई भी की गई थी। इस मामले में अभी हाल में ही वह छूटा था।
इसलिए खार खाए था रोहन
श्रीकांत उर्फ आनंद सिंह पर रोहन के गोली चलाने के पीछे मुनीम विनय सिंह की हत्या व लूट में हुई उसकी गिरफ्तारी की खुन्नस बताई जा रही है। असल में गोंडा जिले के सादुल्लाह नगर थानाक्षेत्र के जाफराबाद निवासी विनय सिंह की कड़सरा निवासी आनंद सिंह के यहां ससुराल थी। उन्हीं के घर रहकर विनय सिंह श्रंगीनारी आते-जाते थे। सूत्रों के मुताबिक रोहन सिंह को लगता था कि आनंद सिंह के इशारे पर ही विनय सिंह की हत्या में उसकी गिरफ्तारी हुई थी।