बस्ती। झांसी के महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल काॅलेज के एनआईसीयू में आग लगने के कारण दम घुटने से 10 नवजात की मौत की घटना पर स्थानीय स्तर पर भी जिला प्रशासन अलर्ट मोड में दिखा।
आला अफसरों की चिंता सुबह से अस्पतालों को लेकर बढ़ गई। मेडिकल कॉलेज में डीएम-एसपी व्यवस्था जांचने खुद पहुंचे, तो जिला अस्पताल और जिला महिला चिकित्सालय में एडीएम एवं सीओ स्तर के अधिकारी मुस्तैद रहे। अस्पतालों में दिन भर अधिकारियों की दौड़भाग तेज रही।
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शनिवार को डीएम रवीश गुप्ता व एसपी गोपाल कृष्ण चौधरी दिन में मेडिकल काॅलेज के ओपेक चिकित्सालय कैली पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने वार्डों का निरीक्षण किया। इस दौरान आग से बचाव के इंतजाम को देखा परखा गया। पीआईसीयू व एनआईसीयू वार्ड की जांच की गई। अग्निशमन यंत्रों की क्रियाशीलता परखी गई। निरीक्षण के दौरान पीडियाट्रिक वार्ड में 22 बेड मिले। डीएम ने फायर फाइटिंग व स्मोक फाइटिंग की जानकारी ली। फायर इंस्टीग्यूशर की क्रियाशीलता देखी।
उन्होंने लटक रहे बिजली के तारों को तत्काल दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। कहा कि वायरिंग करते समय पुराने जर्जर तारों को बदल दें। पीडियाट्रिक वार्ड में आग से बचाव के लिए माह में एक बार मॉकड्रिल अवश्य कराने को कहा। अस्पताल प्रबंधन को किसी भी स्तर पर चूक न करने की हिदायत भी दी। प्रधानाचार्य डाॅ. मनोज कुमार भी मौजूद रहे।ा