तहसीलदार पर यौन शोषण के आरोप की जांच में वीडियो क्लिप को केंद्र
में रखकर की जाएगी। इसके लिए प्रशासन ने शिकायत करने वाली महिला से उस
वीडियो क्लिप की मांग की है, जिसे उसने शिकायत का आधार बनाया है। क्लिप की
फॉरेंसिक जांच कराने की भी योजना है।
कोतवाली थाना क्षेत्र की एक महिला ने सदर तहसीलदार पर निशुल्क सरकारी आवास
दिलाने के नाम पर शारीरिक शोषण का आरोप लगाते हुए स्थानीय अफसरों से लेकर
शासन तक शिकायत की थी।
डीएम ने इसकी जांच अपर उप जिलाधिकारी महेंद्र सिंह
को दी थी। जांच अधिकारी बनाए गए एएसडीएम का तबादला बांदा हो जाने के बाद इस
मामले की जांच एडीएम के हवाले हो गई है।
एडीएम ने कहा कि जांच आगे बढ़ाने
के लिए महिला से उस वीडियो क्लिप की मांग की गई है, जिसे उसने अपनी
शिकायत का साक्ष्य बताया था और जो मुझे व्हाट्स एप पर मिली थी। इस
क्लिप की जांच फॉरेंसिक लैब में कराई जाएगी, ताकि क्लिप की विश्वसनीयता
परखी जा सके।
एडीएम के मुताबिक जांच के क्रम में तहसीलदार से पूछताछ की जा
रही है। दूसरी ओर सदर तहसीलदार विनोद सिंह ने खुद पर लगे आरोप को सिरे से खारिज
किया है। उन्होंने इसे खुद को बदनाम करने की विरोधियों की साजिश बताया है।