चिटफंड कंपनी के दो निदेशकों पर गैंगस्टर, 284 करोड़ की ठगी के आरोप में हुई कार्रवाई
बस्ती। फर्जी चिटफंड कंपनी बनाकर रकम दोगुना करने और सस्ते दर पर फ्लैट व जमीनें उपलब्ध कराने का झांसा देकर लोगों से 284 करोड़ से ज्यादा की ठगी के करने के आरोपित दो निदेशकों पर कोतवाली पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की है।
इस गिरोह पर किम इंफ्रास्ट्रक्चर, नेक्टर कामर्शियल, किम फ्यूचर विजन और हेल्प फाइनेंस के नाम से चार कंपनियां बनाकर 284 करोड़ रुपये की ठगी करने का आरोप है।
इनमें सरगना रविंद्र सिंह सिद्धू निवासी दुबर्जी चौक थाना सुल्तानविण्ड, जनपद अमृतसर (पंजाब) व मनोज अधिकारी निवासी संतगढ़, थाना तिलकनगर, नई दिल्ली शामिल हैं। एसपी हेमराज मीणा ने बताया कि गिरोह का सरगना रवींद्र सिंह सिद्धू पहले ही पकड़ा जा चुका था। वह इस समय तिहाड़ जेल में बंद है। मनोज अधिकारी को कोतवाली पुलिस ने 15 जुलाई 2020 को गिरफ्तार किया था।
असल में दिसंबर 2019 में जिले की कोतवाली में हेल्प फाइनेंस कंपनी के नाम से 74 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के मामले में मुकदमा दर्ज था।
उसकी तफ्तीश के दौरान मनोज अधिकारी तक पुलिस पहुंची। उसके पास से फ्राड से जुड़े कई अभिलेख बरामद किए गए हैं। मनोज ने शहर के रोडवेज के पास शाखा खोलकर 74 लाख रुपये वादी से जमा कराए थे। एसपी के अनुसार, वर्ष 1999 से जिले में कुल चार करोड़ 60 लाख रुपये लोगों के ठगे गए हैं।
जांच में पुलिस ने पंजाब के पठानकोट बस स्टैंड के पीछे दो करोड़ की जमीन, होशियारपुर में 50,00,000 का फ्लैट, राजेंद्र पैलेस नई दिल्ली में दो करोड़ के छह कमरे, मानवाला अमृतसर में 46 एकड़ का प्लाट करीब 200 करोड़ के, चंडीगढ़ इंडस्ट्रियल एरिया 13 करोड़ का पेंट हाउस, फतेहपुर जिले के खागा तहसील के मंझनपुर में 70 लाख का फ्लैट, आगरा जनपद के कार्यालय भवन में 90 लाख का फ्लैट, ग्वालियर राजस्थान में 30 करोड़ की जमीन, कोटा राजस्थान में 35 लाख की जमीन, बूंदी राजस्थान में 22 लाख की जमीन, गुजरात के अहमदाबाद में सवा करोड़ का ऑफिस, पंजाब के अमृतसर में छह करोड़ का चार मंजिला मकान, जनकपुरी विकास टॉवर, दिल्ली में 56 लाख की संपत्ति, न्यू अमृतसर पंजाब में 70 लाख का कार्यालय भवन, बिहार के सिवान टोल प्लाजा में करीब डेढ़ करोड़ की तीन बीघा जमीन का पता लगाया है।
इसके अलावा नेक्टर कामर्शियल एस्टेट लिमिटेड के नाम से गोरखपुर में चार करोड़ की कीमत का जीडीए टॉवर, मुंबई में डेढ़ करोड़ का कार्यालय भवन और राजस्थान के उदयपुर में 20 लाख रुपये का प्लाट का भी पता चला है। इसी तरह बाकी दो फर्म किम फ्यूचर विजन, हेल्प फाइनेंस कंपनी की संपत्ति को आरबीआई ने सील कर दिया है। उसका भी पता पुलिस ने लगाया है। एसपी के अनुसार, गिरफ्तार मनोज आदि ने जो धन फर्जी कंपनी से एकत्रित किया है, उसके बारे में डीजीपी को लिखा जा रहा है। उनके स्तर से कार्रवाई को आगे बढ़ाया जाएगा।