बस्ती जिले के छावनी थाना क्षेत्र में शनिवार देर रात हुए हादसे में तीन लोगों की मौत से दो गांव की तीन महिलाओं का सुहाग उजड़ गया। साथ ही उन तीनों के 10 बच्चों के सिर से बाप का साया उठ गया। परिजनों की बिलखती आंखें व दोनों गांवों के शोक में डूबे ग्रामीण घटना से स्तब्ध हैं।
बता दें कि शनिवार की देर रात मजदूरी करने वाले कल्यानपुर निवासी सूबेदार पुत्र दयाराम, मनीराम निषाद पुत्र बितानू व विक्रमजोत गांव निवासी विरेंद्र यादव पुत्र नंदलाल मोटरसाइकिल से किसी काम के सिलसिले में पटखापुर की ओर गए थे। देर रात लौटते समय हाईवे पर फूलडीह गांव के निकट बस्ती अयोध्या लेन पर अज्ञात वाहन की चपेट में आ गए और गंभीर रूप से घायल हो गए।
स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंची छावनी पुलिस तीनों को लेकर सीएचसी विक्रमजोत पहुंची, जहां चिकित्सकों ने विरेंद्र यादव व मनीराम को मृत घोषित कर गंभीर रूप से घायल सूबेदार यादव को प्राथमिक उपचार कर जिला अस्पताल अयोध्या भेज दिया।
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रास्ते में सूबेदार ने भी दम तोड़ दिया। एक साथ तीनों की मौत की सूचना पर दोनों गांवों में मातम पसर गया। तीनों मजदूरी कर अपने परिवार का भरण पोषण करते थे। तीनों विवाहित थे। मृतक विरेंद्र यादव के पत्नी के अलावा तीन छोटे बच्चे श्याम, करन व कार्तिक वहीं मनीराम के पत्नी के अलावा दो लड़के प्रदीप, कुलदीप व एक लड़की प्रतिभा है। सूबेदार के परिवार में पत्नी के अलावा एक लड़का सूरज 17 वर्ष तीन लड़कियां शगुन 13 , विभु 8 व प्रियम 5 वर्ष की है।
पुलिस क्षेत्राधिकारी हर्रैया शेषमणि उपाध्याय का कहना है कि मृतक विरेंद्र के पिता नन्दलाल की तहरीर पर केस दर्ज कर तीनों के शवों को पोस्टमार्टम कराया गया।