बस्ती। लोकसभा 2019 में चुनाव के दौरान कटया तेलियाजोत बूथ पर हुए मारपीट के मामले में आरोपी रहे सांसद हरीश द्विवेदी व उनके दो सगे भाइयों को एमपी-एमएलए कोर्ट ने तलब किया था। इसके विरुद्ध न्यायालय द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश- विशेष न्यायालय एमपी एमएलए ने सांसद पक्ष की याचिका स्वीकार कर लिया है। इससे सांसद और उनके दोनो भाइयों को फिलहाल राहत मिल गई है।
2019 में लोकसभा चुनाव के दौरान उनके गांव के पंकज दूबे निवासी कटया तेलियाजोत ने थाना नगर में सांसद हरीश उनके भाई सुभाष व बागीश के खिलाफ बूथ पर मारपीट का मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले में नगर पुलिस ने आरोपों को झूठा दर्शाते हुए फाइनल रिपोर्ट लगा कर 20 फरवरी 2020 को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर दिया था। मुकदमें के वादी पंकज ने एसीजेएम द्वितीय एमपी-एमएलए कोर्ट अर्पिता यादव की अदालत अर्जी दाखिल किए थे। इस मामले का संज्ञान न्यायालय ने 29 मई 2023 को लिया। इसमें न्यायाधीश ने सांसद व उनके भाईयों को तलब होने का आदेश जारी किया। इसके खिलाफ सांसद पक्ष ने एडीजे एमपी एमएल कोर्ट की न्यायाधीश मीनू शर्मा की अदालत में 6 जून 2023 को याचिका दायर की। इसे अदालत ने स्वीकार कर लिया है। इसके पहले भी सांसद और उनके दोनों भाई 22 अप्रैल 2022 को इस मामले में कोर्ट में तलब किए जा चुके थे। जिसके विरुद्ध सांसद के पक्ष से दाखिल याचिका को न्यायालय द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायालय एमपी एमएलए ने 6 दिसंबर 2022 को स्वीकार करते हुए अधीनस्थ न्यायालय के आदेश को अपारित कर दिया था।