कुदरहा। लालगंज थाने के जिभियांव के पास राम जानकी मार्ग के किनारे मजदूर का शव मिलने से सनसनी फैल गई। ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस के पहुंचने के बाद शव की पहचान चार किलोमीटर दूर कलवारी थाने के शंकरपुर निवासी 22 वर्षीय धर्मेंद्र उर्फ खेताहू पुत्र मघही के रूप में उसकी पहचान हुई। उसके नाक और कान से निकले खून और पीठ पर पड़े काले निशान पाए गए हैं। उसकी हत्या की आशंका जताई जा रही है। पोस्टमार्टम में उसके बाएं तरफ की तीन पसली टूटी पाई गई। बाएं हाथ और गाल पर भी चोट पाए गए हैं।
हालांकि पुलिस अभी पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने का इंतजार कर रही है। फोरेंसिक टीम ने भी मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की और साक्ष्य एकत्र किया।
जानकारी के मुताबिक बुधवार की सुबह लालगंज थानांतर्गत जिभियांव गांव के पास रामजानकी मार्ग के किनारे ग्रामीणों ने एक अज्ञात शव देखा। इसकी तत्काल सूचना पुलिस को दी गई। कुछ देर में एसएचओ और फॉरेंसिक टीम के मंजीत कुमार व अजय चौरसिया मौके पर पहुंच गए। इस बीच शव की पहचान कलवारी थाने के शंकरपुर निवासी धर्मेंद्र उर्फ खेताहू के रूप में पहचान हुई। एसएचओ लालगंज ब्रजेंद्र पटेल ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद आगे कार्रवाई की जाएगी। समाचार लिखे जाने तक परिवार वालों की तरफ से तहरीर नहीं दी गई है।
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सोमवार देर शाम से घर से लापता, नहीं की खोजबीन
बस्ती। धर्मेंद्र उर्फ खेताहू की पीठ पर काले निशान और नाक व खून से बहता खून साफ गवाही दे रहे हैं कि उसकी मौत सामान्य नहीं है। गांव से करीब चार किलोमीटर दूर शव पाए जाने को लेकर कई तरह की आशंका व्यक्त की जा रही है। हैरानी की बात यह है कि सोमवार देर शाम से घर से लापता होने के बावजूद परिवार के लोगों ने उसकी खोजबीन नहीं की। हालांकि उसके पिता का कहना है कि मजदूरी के सिलसिले में कई बार वह दो-तीन दिन तक घर नहीं आता था, इसलिए उसके बारे में किसी ने गंभीरता नहीं दिखाई।
मृतक के पिता ने बताया कि धर्मेंद्र उर्फ खेताहू मजदूरी करता था। सोमवार को उसे कहीं से मजदूरी मिली थी। जिसके बाद शाम को वह मुर्गे का गोस्त लेकर घर आया था। उसे घर रखकर कहीं चला गया था। उसके बाद से वह लापता था। परिवार के लोग उसका इंतजार कर रहे थे। धर्मेंद्र उर्फ खेताहू के बड़े भाई जितेंद्र की दो साल पहले बीमारी के कारण मौत हो गयी भी। तीन साल पहले आंबेडकरनगर जिले में शादी हुई थी। उसका एक डेढ़ वर्षीय पुत्र रितिक है। कमाऊ पूत के अचानक मौत हो जाने से परिवार पर आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया। घटना से परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है।