बस्ती। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने सोमवार को कुआनो संरक्षण अभियान के अंतर्गत जनहित एवं पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से डीएम को ज्ञापन सौंपा। कुआनों नदी में बढ़ते प्रदूषण एवं जल अवरोध की गंभीर समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया। ज्ञापन में विशेष रूप से अमहट क्षेत्र में वर्षों पूर्व ध्वस्त हो चुके पुल के अवशेषों से उत्पन्न गंभीर समस्या को रेखांकित किया गया। बताया गया कि लगभग 6–7 वर्ष पूर्व गिरा यह पुल आज भी उसी स्थिति में नदी के भीतर पड़ा हुआ है, जिसके कारण नदी का प्राकृतिक प्रवाह लगातार बाधित हो रहा है। जल का ठहराव बढ़ने से नदी में गंदगी जमा हो रही है, जिससे जल की गुणवत्ता अत्यंत खराब हो चुकी है। इसके साथ ही दुर्गंध फैल रही है तथा मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है, जो स्थानीय निवासियों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है। पुल के जंग लगे लोहे एवं मलबे के कारण जल प्रदूषण और अधिक बढ़ रहा है, जिससे जलजीवों का जीवन भी प्रभावित हो रहा है।
इसके अतिरिक्त, गणेशपुर क्षेत्र स्थित पेपर मिल द्वारा समय-समय पर नदी में छोड़े जा रहे औद्योगिक अपशिष्ट को भी अत्यंत गंभीर समस्या के रूप में उठाया गया। बताया गया कि इस अपशिष्ट के कारण नदी का जल न केवल दूषित हो रहा है, बल्कि उसके रंग, गंध एवं गुणवत्ता में भी निरंतर गिरावट आ रही है।।
अभाविप ने प्रशासन से मांग की कि इन समस्याओं को तत्काल संज्ञान में लेकर संबंधित विभागों द्वारा गहन जांच कराई जाए तथा शीघ्र प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए, जिससे कुवानो नदी का संरक्षण हो सके और जनहित सुरक्षित रह सके।