आमी बचाओ मुहिम और प्रदूषण नियंत्रण को बोर्ड के प्रयासों को झटका लगा है। नदी में एक माह में दूसरी बार प्रदूषणकारी उद्योगों का जल डाले जाने से पानी का रंग बदल गया है। इसकी पुष्टि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के वैज्ञानिक सहायक अरुण कुमार श्रीवास्तव की रिपोर्ट से हुई है।
प्रदूषण नियंत्रण विभाग टीम ने दो दिन पूर्व खलीलाबाद और आसपास की नदियों के नमूने लिए थे। जांच में जल प्रदूषित होने की बात कही गई है।
टीम द्वारा प्रदूषण नियंत्रण विभाग और प्रशासन को भेजी गई रिपोर्ट में मगहर के पास बालू शासन रोड ब्रिज और मेंहदावल रोड ब्रिज के पास आमी की ऊपरी सतह में टैंकर द्वारा नदी में प्रदूषित जल डालने की बात कही गई है।
प्रदूषित जल किस उद्योग द्वारा आमी में डाला गया। इसका जिक्र रिपोर्ट में नहीं हैं। डीएम अनिल कुमार दमेले ने बताया कि जिस टैंकर से प्रदूषित जल आमी नदी में डाला जा रहा है, उसे पकड़ने के लिए प्रदूषण बोर्ड और पुलिस को निर्देश दे दिए गए हैं।
हालांकि विधानसभा की आश्वासन समिति की रिपोर्ट पर शासन इसकी जांच के लिए तीन अधिकारियों की टीम गठित कर दी है।