संसाधन अपर्याप्त, आग लगी तो तबाही संभव
बस्ती। आग लगने पर समय से फायर ब्रिगेड न पहुंचे तो कोई हैरत की बात नहीं है। अपर्याप्त संसाधनों के बीच अगर बड़ी आग लगी तो तबाही मचनी संभव है। 7309 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल के दायरे में चार तहसील, 14 ब्लॉक के 1245 ग्राम पंचायतों में रहने वाली करीब 29 लाख आबादी की सुरक्षा के लिए सिर्फ दो फायर स्टेशन उपलब्ध हैं। उनमें भी मुख्यालय के केंद्र का ही अपना भवन है, बाकी तहसीलों पर अभी निर्माण प्रक्रिया चल रही है। हर्रैया तहसील में भवन बनकर तैयार है मगर हैंडओवर नहीं हुआ।
यह स्थित तब है जबकि प्रदेश सरकार की तरफ से शासनादेश के मुताबिक 50 हजार की आबादी पर फायर यूनिट का मानक तय है। वर्ष 2007 में तत्कालीन प्रमुख सचिव जेएन चेंबर ने नए मानक का शासनादेश जारी किया था। इसमें 50 हजार आबादी पर एक फायर यूनिट तय की गई थी। शहरी क्षेत्र में पांच किलोमीटर पर एक यूनिट को अनिवार्य किया गया था ताकि आग लगने पर निर्धारित पांच मिनट के भीतर दमकल पहुंच सके।
फायर सुरक्षा नाकाफी मानकर तय किए नए मानक में आबादी और फायर ब्रिगेड के घटनास्थल तक पहुंचने के समय को आधार बनाया गया। प्रति 50 हजार की आबादी पर तीन फायरमैन एक ड्राइवर से लैस दमकल की एक यूनिट होनी चाहिए। यूनिट में छह फायरमैन होने आवश्यक हैं। शहरी क्षेत्र में एक यूनिट से दूसरे यूनिट की दूरी पांच वर्ग किलोमीटर से अधिक न हो। यही नहीं आग लगने पर घटनास्थल तक पहुंचने के लिए 7 से 10 मिनट का समय भी निर्धारित है।
एसपी हेमराज मीणा का कहना है कि आवश्यकता और उपलब्धता का संतुलन बनाकर अग्नि सुरक्षा के प्रबंध किए जा रहे हैं। सीजन शुरू होने से पहले प्रबंध पुख्ता कर लिए जाएंगे।
चौथाई भी नहीं संसाधन
फायर ब्रिगेड कार्यालय पर उपलब्ध प्रत्येक वाटर पंप, फायर स्टिंग्यूशर, फायर टेंडर आदि मिलाकर नौ वाहन और सात पंप उपलब्ध है। इसके अलावा कुल 16 में प्रत्येक थानों पर फायर यूनिट बनाई गई है। पहली अप्रैल से 30 जून तक के सीजन में हर्रैया, रुधौली व भानपुर तहसील में अस्थाई यूनिट तैनात की जाएगी। हर्रैया में एक बड़ा फायर टेंडर के साथ ही एक छोटा पंप, रुधौली में एक बड़ा फायर टेंडर और कलवारी में एक छोटे फायर टेंडर की व्यवस्था की गई है।
क्या है नियम :
- 50 हजार की आबादी पर एक फायर यूनिट
- एक यूनिट में एक गाड़ी और छह फायर मैन हों।
- जगह एवं केंद्र की दूरी 8 से 10 मिनट के बीच हो।
- जिले में कई स्थानों पर गाड़ियां उपलब्ध हों।
- सूचना मिलने के 10 मिनट में पहुंच सके।
खुद की सतर्कता ही सुरक्षा
- हवा का रुख देखकर आग जलाएं।
- बच्चों को माचिस आदि से न खेलने दें।
- चूल्हे की राख पूरी तरह से बुझाए बिना न फेंकें।
- शादी समारोह में चूल्हा ऐसी जगह जलवाएं जहां हवा न हो।
- घर, दुकान, संस्थान आदि में उपकरण लगाएं।
- ज्वलनशील वस्तुओं के पास बालू की बाल्टी रखें
- जलती बीड़ी-सिगरेट कहीं न फेंकें।
- घटना होने पर तुरंत फायर सर्विस की मदद लें।