इसी दौरान साड़ी का सिरा मशीन में फंस गया और देखते ही देखते साड़ी के साथ उनका बायां हाथ और सिर भी थ्रेसर के अंदर चला गया। हादसा इतना भीषण था कि मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
घटना देखकर खेत में मौजूद परिजन और ग्रामीण दहशत में आ गए।
लोगों ने किसी तरह मशीन बंद कर युवक को बाहर निकाला, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। आसपास के ग्रामीणों ने घटना की सूचना दुबौलिया थाना पुलिस को दी। थोड़ी ही देर में थानाध्यक्ष शशांक सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल बस्ती भेज दिया।
थानाध्यक्ष ने बताया कि खेत में थ्रेसर चलाते समय अचानक कपड़ा फंस जाने से युवक मशीन में खिंच गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई करते हुए पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। ग्रामीणों ने बताया कि राम धीरज चौधरी चार भाइयों और एक बहन में तीसरे नंबर पर थे।
वह मेहनती और होनहार युवक थे तथा घर-परिवार की अधिकतर जिम्मेदारियां वही संभालते थे। उनके पिता की पहले ही मौत हो चुकी थी, जिससे घर की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई थी। परिजन उनके सहारे पूरे परिवार को चलाते थे। अभी शादी नहीं हुई थी।
घटना की जानकारी मिलते ही पूरे गांव में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, विशेषकर उनकी मां का दर्द देख गांव का हर व्यक्ति भावुक हो उठा। ग्रामीणों ने बताया कि राम धीरज बहुत ही मिलनसार और शांत स्वभाव के थे।
कोई भी काम हो, वे सबसे पहले मदद के लिए आगे आते थे। उनकी असामयिक मौत से गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।स्थानीय लोगों ने इस हादसे को लेकर शासन से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की है।