बस्ती। जिला महिला अस्पताल में उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक गर्भवती महिला को ऑपरेशन थियेटर में ही दिल का दौरा पड़ गया। महिला की हालत अचानक गंभीर होने पर अस्पताल में खलबली मच गई। सूचना पर सीएमएस डॉ. अनिल कुमार भी पहुंच गए।
चिकित्सकों की टीम ने लगभग एक घंटे की कड़ी मेहनत के बाद स्थिति पर काबू पाया। महिला की परिजनों से बात कराई गई। चिकित्सकों की सलाह पर महिला को बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर के लिए रेफर कर दिया गया। इस दौरान अस्पताल में हलचल मची रही। किसी अनहोनी की आशंका व विवाद के डर से अस्पताल प्रशासन ने पुलिस को सूचना दे दिया। पुलिस कर्मी व अस्पताल के गार्ड इस दौरान वहां मुस्तैद रहे।
जानकारी के अनुसार, नगर बाजार क्षेत्र की रहने वाली पुष्पा पत्नी पंकज को प्रसव पीड़ा होने पर जिला महिला अस्पताल में भर्ती किया गया। चिकित्सक ने ऑपरेशन की सलाह दिया था। शुक्रवार लगभग 12 बजे ऑपरेशन थियेटर में महिला को ले जाया गया। ओटी में डॉ. ममता रानी और डॉ. सुधांशु द्विवेदी की ड्यूटी थी। चिकित्सकों का कहना है कि ऑपरेशन कामयाब हो गया। सुरक्षित प्रसव होने के बाद अचानक महिला को दिल का दौरा पड़ गया। उसकी कोई केस हिस्ट्री न होने के कारण सामान्य तरीके से सर्जरी की गई थी।
जब महिला की हालत ओटी टेबल पर ही बिगड़ने लगी तो चिकित्सकों ने सीएमएस को कॉल किया। बतौर फिजिशियन सीएमएस ने भी वहां पहुंचकर सहयोग किया। चिकित्सकों की मेहनत कामयाब रही और महिला लगभग एक घंटे बाद सामान्य हो गई। सीएमएस ने बताया कि महिला का यह दूसरा प्रसव था। प्रसव पूर्व हुई जांच में यह समस्या सामने नहीं आई थी, जिस कारण समस्या हुई है। वहीं, अन्य मरीजों का कहना है कि अक्सर बीपी जांच करने में स्टाफ और जिम्मेदारों की ओर से लापरवाही की जाती है। कभी, मशीन में बैट्री नहीं होती तो कभी ठीक से बीपी की नाप नहीं हो पाती, इससे संकट है।
कोट
ओटी में प्रसव के दौरान जिस महिला की तबीयत बिगड़ी थी, बाद में उपचार के बाद उसकी स्थिति सामान्य होने पर बेहतर उपचार के लिए बीआरडी रेफर कर दिया गया है। नवजात स्वस्थ है।
-डॉ. अनिल कुमार, सीएमएस, महिला अस्पताल, बस्ती।