डॉक्टर्स डे पर जिला महिला अस्पताल में केक काटते सीएमओ डॉ. राजीव निगम व सीएमएस डॉ. अनिल कुमार सं
- फोटो : टूंडला ब्लॉक कार्यालय में जांच को पहुंची अग्निशमन विभाग की टीम। स्रोतः विभाग
बस्ती। जिला महिला अस्पताल में डॉक्टर्स डे धूमधाम से मनाया गया। डॉक्टरों ने केक काटा और चिकित्सीय जीवन के दौरान प्राप्त किए गए अनुभव बांटे। महान चिकित्सक, शिक्षाविद और पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. बिधान चंद्र रॉय के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें याद करते हुए उनके जीवन पर चिकित्सकों ने प्रकाश डाला।
मुख्य अतिथि सीएमओ डॉ. राजीव निगम ने कहा कि सेवा भाव और संवेदनशीलता ही डॉक्टर्स की पहचान होती है। बताया कि कई बार हमारे सामने ऐसी चुनौतियां आती हैं कि हमें भी एक बार सोचना पड़ता है, मगर उस समय पहला धर्म है मरीज की सेवा, इसीलिए चिकित्सक भगवान के दूसरे रूप कहे जाते हैं। अध्यक्षता कर रहे सीएमएस डॉ. अनिल कुमार ने कहा कि हमें अपना व्यवहार को नम्र रखना चाहिए ताकि मरीज और तीमारदार को कोई परेशानी न हो।
डॉ. सुधांशु द्विवेदी, डॉ. पीएल गुप्ता, डॉ. विमल द्विवेदी, डॉ. एके चौधरी ने डॉक्टर्स डे पर प्रकाश डाला। डॉ. अनीता वर्मा ने कि मरीजों को सेवा भाव, संवेदनशीलता और समर्पण के साथ उपचार देना प्रत्येक चिकित्सक का कर्तव्य है। डॉ. अजय पटेल ने कहा कि समय के साथ स्वास्थ्य सेवाओं में व्यापक बदलाव आया है। आधुनिक उपकरणों, नई तकनीकों और चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार से उपचार अधिक प्रभावी और सुगम हुआ है।
डॉ. पंकज शुक्ल ने कहा कि एक समय ऐसा था जब संसाधनों के अभाव में मरीजों को बेहतर इलाज के लिए बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था, लेकिन अब मेडिकल कॉलेजों और स्वास्थ्य संस्थानों की स्थापना से हालात काफी बदले हैं।