पैकोलिया थाने के असनहरा गांव में प्रधान के बेटे और बहू की मौत के दूसरे दिन जुटे गांव के लोग- सं
पैकोलिया। थाना क्षेत्र के असनहरा गांव में सोमवार को हुई दोहरी मौत की गुत्थी उलझती जा रही है। पति-पत्नी की खुदकुशी के बाद अब नए तथ्य सामने आने लगे हैं। गांव के लोग दबी जुबान यह चर्चा करते सुने गए कि दोनों का दाम्पत्य जीवन इन दिनों सही नहीं चल रहा था। पति शनिदेव को पत्नी अंजली के चरित्र पर शक होने लगा था, मगर इस मुद्दे पर न तो शनिदेव के और न ही अंजली के परिवार के लोग कुछ बोलने को तैयार हैं।
गांव में चर्चा है कि दोनों की करीब दो साल पहले अयोध्या के राम की पैड़ी पर मुलाकात हुई थी। यहां पर गांव के प्रधान और शनिदेव के पिता राम धीरज के पड़ोसी प्रेम नारायण की बेटी का ससुराल है, जबकि इस मोहल्ले में अंजली की मौसी भी रहती हैं। अंजली मौसी के घर अक्सर आती-जाती थी तो शनिदेव भी पड़ोसी की बेटी के ससुराल आता-जाता था। इस दौरान दोनों एक-दूसरे को दिल दे बैठे थे। इसके बाद दोनों की शादी 17 नवंबर 2024 में परिवार की रजामंदी से धूमधाम से हुई थी।
प्रधान राम धीरज के अनुसार, बेटा शनिदेव बी फार्मा कर लखनऊ में छह साल से एक रिटायर चिकित्सक आईके वर्मा के क्लीनिक पर काम कर रहा था। उसी ने अंजली का एडमिशन एएनएम कोर्स में कराया था। कोर्स पूरा करने के बाद अंजली को अयोध्या के एक नर्सिंग होम में नर्स की नौकरी मिल गई। शनिदेव लखनऊ, जबकि अंजली अयोध्या में रहती थी। जब भी बेटा लखनऊ से घर आता था तो पत्नी अंंजली को भी अयोध्या से साथ लेकर आता था। 29 नवंबर को दोनों गांव पहुंचे थे।
गांव में चर्चा है कि 30 नवंबर की सुबह दंपती में किसी बात पर विवाद हुआ था। उधर, परिवार की ओर से दिए जा रहे बयानों में यह बात लगातार झलक रही है कि दोनों के बीच मनमुटाव और ‘शक’ की स्थिति बनी रहती थी। यह ‘शक’ किस बात पर था, इस पर परिवार वालों ने खामोशी साध रखी है।