शहर में शोभा यात्रा के दौरान गोंड समाज के लोग स्रोत संगठन
बस्ती। विश्व आदिवासी दिवस पर रविवार को एपीएनपीजी कॉलेज परिसर से डीएम कार्यालय तक शोभायात्रा निकाली गई। इसके बाद डीएम को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा गया। इसमें मंडल मुख्यालय पर महारानी दुर्गावती और बिरसा मुंडा की प्रतिमा स्थापित कराने, अनुसूचित जनजाति के प्रमाणपत्र जारी करने और आदिवासी संस्कृति के संरक्षण के लिए सरकारी स्तर पर गीत, नाटक और गोंडवाना नृत्य के आयोजन की मांग की गई।
शोभायात्रा में आदिवासी वेशभूषा में लोगों ने तीर-धनुष के साथ भाग लिया। गोंडवाना नृत्य आकर्षण का केंद्र रहा। कार्यक्रम संयोजक गुड्डू कुमार गोंड, प्रमोद गोंड और अमित गोंड ने कहा कि आदिवासी समाज की पहचान जल, जंगल और जमीन से जुड़ी है। जमीन पर अवैध कब्जे और विकास के नाम पर विस्थापन से उनकी संस्कृति प्रभावित हो रही है। राजेंद्र प्रसाद गोंड ने कहा कि आदिवासी समाज के अधिकारों और जल, जंगल, जमीन की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा।
अरूण गोंड, दयाराम गोंड, गोंड महेश चन्द्रबंशी, शुभम गोंड, रमेश गोंड, आशुतोष गोंड, विजय कुमार, अजय कुमार, जैश, सोनू, दिव्यांश, विकास गोंड, सालिकराम गोंड, सचिन गोंड, सालिकराम गोंड, अजय गोंड, दुर्गेश कुमार गोंड, सूरज गोंड, राजन मौजूद रहे।