बस्ती। अधिवक्ता से भू-माफिया बने गोंडा जिले के बृजेश अवस्थी की जिला कारागार में बुधवार को दिल का दौरा पड़ा। आधे घंटे जेल अस्पताल में इलाज के बाद जिला अस्पताल भेजा गया। इलाज के दौरान जिला अस्पताल में सुबह करीब 10:25 बजे उसने दम तोड़ दिया। उसके खिलाफ गोंडा जिले के विभिन्न थानों में जालसाजी के 43 केस दर्ज हैं।
एसआईटी जांच में उसके कारनामे उजागर होने के बाद 2022 में लखनऊ से गिरफ्तार किया गया था। प्रशासनिक आधार पर उसे गोंडा जेल से 15 दिसंबर 2024 को स्थानांतरित कर जिला कारागार बस्ती लाया गया था। जेल अधिकारियों ने बताया कि बृजेश को सुबह अचानक सीने में तेज दर्द उठा और पसीने आने लगे। आधे घंटे तक जेल अस्पताल में इलाज के बाद डॉक्टर की सलाह पर सुबह करीब सात बजे जिला अस्पताल ले जाया गया। जहां 10:25 बजे इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
पेशे से अधिवक्ता बृजेश अवस्थी पर अपने मुवक्किलों की जमीन का भी फर्जीवड़ा करने का आरोप है। यह भी आरोप है कि कई लोगों को छेड़खानी, दुष्कर्म के आरोप में जेल भिजवाकर वह उनकी जमीन अपने या अपने रिश्तेदारों के नाम करा चुका है। वह फर्जी बैनामा कराने वाले रैकेट का वह सरगना बताया जाता था।
उसके साथी अनिल सिंह और राकेश त्रिपाठी की भी उसी के साथ गिरफ्तारी हुई थी। तीनों दिसंबर 2024 से ही मंडल कारागार गोंडा में बंद थे और एक साथ ही थे। शासन ने इन तीनों को अलग-अलग जिलों के कारागार में भेजने का निर्णय लिया।
बृजेश अवस्थी को बस्ती, अनिल सिंह को बहराइच तथा राकेश त्रिपाठी को बलरामपुर जिला कारागार में स्थानांतरित किया गया था। डीएम रवीश गुप्ता के निर्देश पर नामित मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में पंचनामा कराया गया। पोस्टमार्टम के बाद शव को परिवार के लोगों को सौंप दिया गया।