गांधीनगर में चेहलुम पर जुलूस निकालते लोग स्रोत आयोजक
बस्ती। कर्बला के शहीदों का चेहल्लुम मंगलवार को मनाया गया। शहीदों की याद में गांधीनगर में मातमी जुलूस निकाला गया। सोगवारों ने नौहा व मातम करके कर्बला में शहीद हुए पैगम्बरे-इस्लाम के नवासे इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों को खिराजे अकीदत पेश किया। युवाओं ने जंजीरी मातम किया। हर ओर या हुसैन की सदाएं बुलंद हो रही थीं। इमामबाड़ा शाबान मंजिल से शुरू हुआ मातमी जुलूस मुख्य मार्ग से होते हुए देर शाम जिला अस्पताल स्थित कर्बला पहुंचकर समाप्त हुआ। इमामबाड़ा शाबान मंजिल में मजलिस का आयोजन हुआ। मजलिस को संबोधित करते हुए मौलाना नफी इमाम ने कहा कि कर्बला एक पाठशाला है।
यहां से इंसानियत, हक परस्ती और जालिम के सामने डटे रहने का हौसला मिलता है। दुनिया की हर मजलूम कौम को कर्बला से हौसला मिलता है। इतिहास गवाह है कि सच्चा हुसैनी बड़ी से बड़ी ताकत के सामने कभी सिर नहीं झुका सकता।
मजलिस के बाद जुलूस शाबान मंजिल से रवाना हुआ, जो गांधी नगर होते हुए स्टेट बैंक के पीछे स्थित इमामबाड़ा लाडली मंजिल पहुंचा। यहां पर एक मजलिस का आयोजन हुआ। मजलिस के बाद दोबारा जुलूस शुरू हुआ जो रोडवेज, अस्पताल चौराहा होते हुए कर्बला पहुंचकर फातिहे के साथ समाप्त हुआ। मजलिस में सुहेल बस्ती, आबिद रिजवी, रमीज उर्फ सोनू, फरजान, मोहम्मद रफीक अन्नू आदि माैजूद रहे।