बस्ती। जिला अस्पताल में ऑपरेशन के दौरान एक महिला मरीज के गर्भाशय से 13 किलो का ट्यूमर निकला। यह देख चिकित्सक भी दंग रह गए। चिकित्सकों की टीम को लगभग ढाई घंटे तक सर्जरी करनी पड़ी। ट्यूमर को बाहर निकालने के बाद महिला खतरे से बाहर है।
नगर थाना क्षेत्र के भौसिंग गांव की किरन मौर्य (42) पत्नी रामदरश के पेट में ट्यूमर होने की जानकारी नहीं हो सकी थी। पेट में दर्द शुरू हुआ तो उन्होंने कई अस्पतालों में उपचार कराया। दवा से कुछ दिन आराम हो जाता था लेकिन, उसका असर खत्म होने के बाद दर्द बढ़ जाता रहा। शुक्रवार को उनके पेट के निचले हिस्से में असहनीय दर्द होने लगा तो वह जिला अस्पताल पहुंची। ओपीडी में मौजूद सर्जन डॉ. अनिल सिंह से उन्होंने पेट में दर्द होने की समस्या बताई। इस पर चिकित्सक ने अल्ट्रासाउंड जांच कराई।
जांच में स्पष्ट रिपोर्ट न आने पर उन्होंने सीटी स्कैन कराने की सलाह दी। सीटी स्कैन में बच्चेदानी में गांठ की रिपोर्ट दी गई। इस पर चिकित्सकों की टीम सर्जरी के लिए तैयार हुई। सर्जन डॉ. राजेश पटेल के नेतृत्व में डॉ. अनिल सिंह, डॉ. अरशद ने ऑपरेशन करने का फैसला लिया। ओटी में चिकित्सकों की टीम ने चीरा लगाकर जब महिला मरीज के पेट को खोला तो गांठ के बजाय ट्यूमर दिखा। सामान्य से काफी बड़े साइज में ट्यूमर देख चिकित्सक दंग रह गए। टीम में शामिल चिकित्सक ऑपरेशन में जुट गए। अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर लगभग ढाई घंटे सर्जरी चली। इसके बाद महिला के गर्भाशय से ट्यूमर निकालने में सफलता मिली। ट्यूमर का वजन 13 किलो पाया गया।
सर्जन डॉ. राजेश पटेल का कहना है कि ऑपरेशन के दौरान स्थिति जांच रिपोर्ट में उलट हो गई। ट्यूमर निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। हालांकि सर्जरी के बाद महिला स्वस्थ है। लगातार मरीज की देखरेख की जा रही है। जल्द ही उसे डिस्चार्ज कर दिया जाएगा। बताया कि यदि जल्द ऑपरेशन से ट्यूमर न निकाला गया होता तो यह कभी भी फट सकता था और मरीज की जान मुश्किल में पड़ जाती। ट्यूमर आंत से भी चिपका हुआ था, जिससे सर्जरी जटिल हो गई थी। टीम में एनेस्थेटिक्स डॉ. असलम शामिल रहे।