बस्ती। दीपावली से पूर्व वैदिक यज्ञ के साथ स्वामी दयानंद विद्यालय के बच्चों एवं शिक्षकों ने महर्षि दयानंद सरस्वती का निर्वाण दिवस मनाया। स्वामी दयानंद विद्यालय पर आयोजित यज्ञ के दौरान बच्चों को धनतेरस से लेकर भइया दूज तक नित्य यज्ञ का संकल्प दिलाया गया। गरुणध्वज पांडेय ने कहा कि दीपावली पर जुआ का निषेध हमारे शास्त्रों में किया गया है, इसलिए स्वयं न जुआ खेलना न किसी को खेलने देना चाहिए।
उन्होंने दीपावली में आपसी भाईचारा एवं एकता का संदेश देते हुए अज्ञान के अंधकार को मिटाते हुये ज्ञान का प्रकाश प्राप्त करने का संकल्प ग्रहण किया। आदित्य नारायण गिरी ने कहा कि दीपावली का त्योहार घर में आए नए अन्न एवं धन को यज्ञ के माध्यम से ईश्वर को अर्पित किया जाता है तथा शेष को प्रसाद मानकर उपभोग किया जाता है। देवव्रत आर्य ने कहा कि यह त्योहार हमें दान करने की प्रेरणा देता है। इस अवसर पर बच्चों को तेज आवाज वाले पटाखे न फोड़ने एवं धनतेरस से लेकर भइया दूज तक नित्य यज्ञ का संकल्प दिलाया। कार्यक्रम के अगले सत्र में बांकेलाल प्रजापति ने कहा कि दीपावली आपसी भाईचारे एवं सद्भाव का प्रतीक है। इसको प्रेम पूर्वक एवं प्रसन्नता के साथ मनाएं। अनूप कुमार त्रिपाठी ने कहा कि प्राचीन वैद्य धनवन्तरि ने आज के ही दिन जन्म लेकर भारत एवं विश्व को आयुर्वेद की अनुपम भेंट देकर संसार का उपकार किया था। इस अवसर पर अंबिका उपाध्याय, रमेश मिश्र, वंदना चतुर्वेदी, वीना वर्मा, वंदना श्रीवास्तव, अर्चना पांडेय, अरविंद श्रीवास्तव, दिनेश मौर्य, अनिल कुमार शर्मा, आदित्य राज, अरविंद चैहान, किरन चौधरी ने भी बच्चों को इस पावन पर्व को शांति पूर्ण ढंग से मनाने को प्रेरित किया।