बस्ती। प्रदेश व्यापी आंदोलन को सफल बनाने के लिए लेखपाल संघ की बैठक जिलाध्यक्ष उमापति मिश्र की अध्यक्षता में गुरुवार को मुख्यालय पर हुई। संचालन जिला मंत्री नरेंद्र बहादुर उपाध्याय ने किया।
इसके लिए प्रत्येक तहसील में पांच सदस्यों वाली दो-दो संघर्ष समिति बनाने का निर्णय लिया गया। साथ ही जिला स्तर पर एक सतर्कता समिति बनाने का भी निर्णय लिया गया। जिला मंत्री ने बताया कि प्रदेश कमेटी की ओर से प्रदेश व्यापी आंदोलन के लिए सीएम को नोटिस दिया जा चुका है। बताया कि पहले चरण में तहसील और समाधान दिवसों का बहिष्कार जारी है। इसके साथ ही 14 अक्टूबर से 30 नवंबर तक सभी प्रार्थनापत्रों का बहिष्कार जारी रहेगा। इस दौरान सभी लेखपाल सूखा राहत, निर्वाचन पर अपनी आख्या अंकित नहीं करेंगे। जिन लेखपालों के पास अतिरिक्त प्रभार है उसे राजस्व निरीक्षकों को सौंप देंगे। अगर 30 नवंबर तक समस्याओं का निराकरण नहीं हुआ तो पहली दिसंबर से लेखपाल अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। बैठक में लेखपालों की अनियमित रूप से रजिस्ट्रार कानूनगो कार्यालय से संबद्धता समाप्त करने, लेखपालों के अधिकांश पद रिक्त होने के बावजूद लगभग 20 लेखपालों को हल्का से मुक्त करके कंप्यूटर कार्य के लिए कंप्यूटर कक्ष में संबद्ध किए जाने पर रोष व्यक्त किया गया। लेखपालों को हल्कों में तैनात करने की मांग की गई। इस मौके पर अनिल कुमार मिश्र, पारस नाथ चौधरी, अशोक तिवारी, विजय बहादुर श्रीवास्तव, रामसुमेर, सतीस श्रीवास्तव, रणवीर सिंह, बालकृष्ण उपाध्याय, विद्याधर दुबे, अंजनी चौधरी, नंद कुमार श्रीवास्तव, मतीउर्रहमान, जियालाल, धर्मेंद्र कुमार, अवधेश चंद्र शुक्ल, सुशील कुमार, यादवेंद्र यादव, मनोज शुक्ल आदि मौजूद रहे।