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दहेज उत्पीड़न में जेठानी की जमानत खारिज

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बस्ती। जिला एवं सत्र न्यायाधीश मसऊद अली सिद्दकी ने दहेज के लिए प्रताड़ित करने व बच्चों सहित विवाहिता को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में जेठानी की जमानत अर्जी खारिज कर दी।
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जमानत का विरोध डीजीसी क्रिमिनल राजेंद्र शंकर द्विवेदी ने किया। अभियोजन के अनुसार, वादी मुकदमा मुंडेरवा थाने के सेंदुरिया निवासी रमेश ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि उनकी बहन इंद्रावती की शादी लालगंज थाने के हर्रैया निवासी दिग्विजय नाथ के साथ 2003 में हुई। शादी के बाद 2008 में गौना हुआ। जब ससुराल गई तो ससुराल में पति, सास, ससुर, जेठ, जेठानी सावित्री एक लाख रुपये की मांग को लेकर प्रताड़ित करने लगे। इसी बीच इंद्रावती के एक लड़का और दो लड़कियां पैदा हुईं। 31 जुलाई 014 को 4 बजे शाम को ससुराल वाले दहेज में एक लाख की मांग पूरी न होने पर इंद्रावती और उसके तीनों बच्चों की जलाकर मार डाला। इसमें दहेज हत्या का मुकदमा कायम हुआ। विवेचक ने विवेचना में दहेज हत्या के बजाए आत्म हत्या का मामला पाया। दहेज के लिए प्रताड़ित करने और बच्चों सहित विवाहिता की जीवन लीला समाप्त किए जाने और सह अभियुक्त की संलिप्तता के मद्देनजर जेठानी सावित्री की जमानत अर्जी न्यायाधीश ने खारिज कर दी।
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