बस्ती। गुरुवार को महिला अस्पताल के सामने अल्ट्रासाउंड कराने गई महिला का सड़क पर ही प्रसव हो जाने के मामले ने तूल पकड़ा तो शुक्रवार को सीएमओ महिला अस्पताल पहुंच गए और मामले की जांच शुरू कर दी। निरीक्षण के दौरान दवा वितरण कक्ष में फार्मासिस्ट की कुर्सी पर बाहरी आदमी देख उखड़ गए। सीएमएस को फटकार लगाई और चेतावनी दी। निरीक्षण के दौरान सीएमओ ने पांच ऐसी आशाओं को चिह्नित कराया है, जिनकी भूमिका संदिग्ध है। इन पर आरोप है कि वे गर्भवती महिलाओं के परिवारी जनों से दलाली करती हैं। सीएमओ ने घटना के संबंध में महिला अस्पताल की सीएमएस डा. सरोज बाला और डा. मैनाज गनी का बयान लिया। साथ ही उन्होंने व्यवस्था सुधारने का निर्देश दिया। शनिवार को सीएमओ के शो काज नोटिस का जवाब सीएमएस को देना है।
गुरुवार को दोपहर सवा दो बजे के करीब बहादुरपुर ब्लाक के बक्सर गांव की महिला फूलमती ने प्रसव पीड़ा होने पर महिला अस्पताल के सामने ही बच्चा जना। इस मामले को लेकर खूब हंगामा हुआ। घटना की जानकारी होने पर सीएमओ डा.एसपी दोहरे ने मामले की जांच का निर्देश दिया। शुक्रवार को वह खुद ही जिला महिला अस्पताल पहुंच गए। उनके साथ अपर सीएमओ डा.जितेंद्र, डिप्टी सीएमओ डा.सीएल कन्नौजिया भी थे। सीएमओ दवा वितरण कक्ष पहुंचे तो वहां एक बाहरी आदमी फार्मासिस्ट की कुर्सी पर बैठा मिला और नहीं तो पूछने पर खुद को फार्मासिस्ट बता दिया। बाद में सीएमएस को बुलाने पर वह भाग खड़ा हुआ। इससे नाराज सीएमओ सीएमएस डा.सरोज बाला को चेतावनी दी। बाद में वह पीड़िता फूलमती के पास पहुंचे। उससे हाल चाल पूछा और दवाओं की जानकारी ली।
सीएमएस ने भी गठित की जांच टीम
मामले की जांच के लिए महिला अस्पताल की सीएमएस डा. सरोज बाला ने अपने स्तर से जांच टीम का गठन किया है। टीम में उनके अलावा डा.सुधांशु और डा. अलका शुक्ल शामिल हैं। जांच टीम मामलें के हर पहलू की जांच करेगी।
दो बाल रोग विशेषज्ञों की व्यवस्था
जिला अस्पताल के दो बाल रोग विषेषज्ञों को जिला महिला अस्पताल में तीन तीन दिन सेवाएं देने का निर्देश दिया गया है। सीएमओ डा. एसपी दोहरे ने बाल रोग विशेषज्ञ डा.एस के गौड़, डा.वीके मिश्र को महिला अस्पताल में तीन-तीन दिन बेठने को कहा है। बतां दे कि महिला अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ न होने से प्रसव के बाद काफी दिक्कतें आती हैं।