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पांच सौ मीटर के सफर में जान हथेली पर

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बस्ती। लुंबिनी-दुद्धी मार्ग पर कलवारी की ओर से आने पर करीब पांच सौ मीटर का सफर तय करना जान जोखिम में डालने से कम नहीं है। विकल्प न होने की मजबूरी में रोजाना 20 हजार से अधिक यात्री जान हथेली पर रखकर गुजर रहे हैं। आए दिन हो रहे हादसों के बावजूद न तो नेशनल हाईवे एथारिटी आफ इंडिया की नजर इस पर पड़ रही है और न ही लोक निर्माण विभाग की।
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राम जानकी मार्ग फुटहिया चौराहे पर फोरलेन हाईवे से जुड़ा है। वहां पहुंचने के बाद अगर कचहरी, गांधीनगर, कलेक्ट्रेट विकास भवन आदि जाने वाले कार-जीप सवार दाहिनी लेन से होकर आगे बढ़ते हैं। नए अमहट पुल से पहले दाएं मुड़कर वे पुराने पुल पर पहुंच जाते हैं। फुटहिया चौराहे से नए पुल तक की यात्रा उन्हें उल्टी लेन में करनी पड़ती है। कार लेकर आ रहे नरेंद्र पांडेय के मुताबिक, रात में उल्टी लेन में गाड़ी लेकर आते समय सामने से अगर कोई बड़ी गाड़ी आती दिख गई तो लगता है कि मानो सामने मौत आ रही हो। ट्रक चालक मकबूल के मुताबिक, सामने से आने वाला ड्राइवर भी कांप जाता है। ऑटो चालक अनिल चौधरी का कहना है कि उस रोड से आना किसी खतरे से कम नहीं है। अगर उल्टी लेन में न जाकर बाएं साइड की लेन से होकर जाएं तो करीब चार किलोमीटर आगे जानेे बाद या तो मूड़घाट चौराहे से मोड़ मिलेगा या बडे़वन तक जाना पडे़गा। इसी चक्कर से बचने के लिए लोग जान पर खेल रहे हैं। भगवान न करें ऐसा हो, लेकिन वहां कभी भी बड़ा हादसा हो जाएगा तो किसी को जवाब नहीं सूझेगा।

शुरू होकर रुक गया सर्विस रोड का काम
फोरलेन हाईवे बनने के बाद कलवारी रोड से होकर आने वाले कुदरहा, बहादुरपुर, दुबौलिया और आधा कप्तानगंज ब्लाक के लोगों के आवागमन के लिए सर्विस रोड का नक्शा तैयार हुआ। फुटहिया चौराहे से हाईवे से दाहिने लेन से सटकर सर्विस रोड बनाने की पहल हुई थी। मिट्टी की सड़क भी कुछ दूर तक बना दी गई मगर बाद में काम रुक गया।
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उल्टी लेन में चलने का अंजाम
: इसी रास्ते से होकर आ रहा कार सवार पुल के नीचे गिर गया था।
: कुछ ही दिन पहले बस की ठोकर से बाइक सवार की मौत हुई थी।
: छावनी के पास वनवे लेन में जाने की वजह से पिछले महीने कार एक्सीडेंट में तीन लोग मारे गए थे।
: साल भर के भीतर वहां छोटे बडे़ 26 हादसे हो चुके हैं। सात लोगों की जान जा चुकी है। चालीस घायल हुए।

एनएचएआई और पीडब्लूडी में फंसा पेंच
एनएचएआई के परियोजना प्रबंधक एके कुशवाहा के मुताबिक सर्विस रोड का काम उनके विभाग को नहीं कराना है। यह पीडब्लूडी की जिम्मेदारी है। जबकि पीडब्लूडी का कहना है कि उनकी सड़क को एनएचएआई ने विस्तारित किया। इसलिए उन्हें ही सर्विस रोड बनाना चाहिए।
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