बस्ती। जनसंख्या स्थिरता पखवारा शुरू करने में सुस्ती आड़े आ गई। दस दिन गुजरने के बाद राष्ट्रीय महत्व के कार्यक्रम की शुरूआत तक नहीं हो सकी। एनआरएचएम के तहत 25 जून से 24 जुलाई तक चलने वाले जनसंख्या स्थिरता पखवारे में नव दंपतियों को सीमित परिवार-खुशी परिवार का संदेश देने की शासन की मंशा थी। मिशन डायरेक्टर के निर्देश के बाद दस दिन गुजर गए। लेकिन जिले में प्रोग्राम की शुरूआत नहीं की गई।
एनआरएचएम के मिशन डायरेक्टर मुकेश मेश्राम ने प्रदेश के सभी डीएम व सीएमओ से 25 जून से 24 जुलाई तक जनसंख्या स्थिरता पखवाड़े का आयोजन कराकर आमजन में छोटे परिवार की महत्ता के बारे में जागरूक करने को कहा था। इसमें 25 को डीएम की अध्यक्षता में जनपदीय कार्ययोजना तैयार करने के लिए पंचायती राज, आईसीडीएस, डूडा, नगर निकायों, ग्राम विकास, माध्यमिक व उच्च शिक्षा विभागों व एनजीओ की समन्वय बैठक होनी थी। इसके बाद 27 जून से 10 जुलाई तक गांवस्तर पर अभियान चलाकर जनसंख्या नियंत्रण के प्रति जागरूक करना था। 11 जुलाई को जनपद व ब्लाक स्तरीय चिकित्सा इकाइयों पर परिवार कल्याण शिविर शुरू होना है। 13-14 जुलाई को जागृत किशोर शक्ति थीम पर माध्यमिक विद्यालयों के एनसीसी कैडेट्स रैली निकालेंगे व स्तानक स्तर के छात्र ‘खुशहाली का आधार छोटा परिवार’ विषयक वाद-विवाद प्रतियोगिता में भाग लेंगे। इसके अलावा ‘बेटी बचाओ-दुनिया बचेगी’ विषय पर निबंध लेखन होना है। पखवारे का समापन 24 जुलाई को होगा। लेकिन विभागीय सुस्ती के चलते 25 जून कौन कहे दस दिन गुजरने के बाद भी जनसंख्या स्थिरता पखवारे का आयोजन नहीं हो सका। सीएमओ डा. एसपी दोहरे ने बताया निकाय चुनाव में प्रशासनिक अमले की व्यस्तता के कारण अभियान की शुरूआत नहीं हो सकी है। जल्द ही डीएम से परामर्श कर अभियान शुरू करा दिया जाएगा।