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Basti News: वीबीजी रामजी में 99 फीसदी मांगने वालों को मिला रोजगार

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कुदरहा के पाकरडाड़ गांव में काम करते श्रमिक संवाद
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बस्ती। वीबीजी रामजी योजना के तहत जिले में काम मांगने वाले 99 फीसदी से अधिक श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराया जा चुका है। एक जुलाई से लागू हुई योजना के तहत अब तक 44,638 श्रमिकों ने काम की मांग की, इनमें 44,634 को रोजगार दिया जा चुका है। सिर्फ चार श्रमिकों को तकनीकी कारणों से काम नहीं मिल सका है। विभाग अब इन श्रमिकों से संपर्क कर रोजगार न मिलने का कारण पता करेगा।
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योजना के तहत जिले की 500 ग्राम पंचायतों में फिलहाल एक-एक कच्चा कार्य कराया जा रहा है। इन कार्यों के जरिये अब तक 5,69,570 मानव दिवस सृजित किए जा चुके हैं। जिले में कुल 3,77,715 श्रमिक पंजीकृत हैं। हालांकि, पंजीकृत सभी श्रमिकों ने काम की मांग नहीं की है।
अधिकारियों के अनुसार, योजना में बदलाव के बाद ग्राम पंचायतों की श्रेणी के हिसाब से कार्यों और खर्च की सीमा तय की गई है। जिले की 1,187 ग्राम पंचायतों में 90 फीसदी को ए श्रेणी और 10 फीसदी को बी श्रेणी में रखा गया है। ए श्रेणी में उच्च विकास और बेहतर बुनियादी ढांचे वाली पंचायतें तथा बी श्रेणी में मध्यम विकास वाली पंचायतें शामिल हैं। इन दोनों श्रेणियों में सीमित संख्या में कार्य कराने की अनुमति है।
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वहीं, सी श्रेणी की पंचायतों में बुनियादी जरूरतों को देखते हुए अपेक्षाकृत अधिक राशि खर्च करने की अनुमति है। जिन ग्राम पंचायतों की आईडी जनरेट होने के साथ कार्ययोजना स्वीकृत हो चुकी है, वहां कार्य कराया जा रहा है। कुछ मामलों में कार्य पोर्टल पर अपलोड न होने और तकनीकी दिक्कत के कारण रोजगार देने में देरी हुई है।


काम नहीं मिला तो भत्ते का भी प्रावधान
बदली व्यवस्था में काम मांगने के बाद रोजगार नहीं मिलने पर श्रमिकों को बेरोजगारी भत्ता देने का प्रावधान कड़ाई से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग अब उन चार श्रमिकों की स्थिति की जांच करेगा, जिन्हें काम नहीं मिल पाया है।
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श्रमिकों के भुगतान के लिए 44.88 करोड़ जारी
काम कर चुके श्रमिकों के भुगतान के लिए शासन ने 44 करोड़ 88 लाख रुपये का बजट जारी किया है। ब्लॉकवार लक्ष्य के अनुसार बजट उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए संबंधित स्तर से मांग भी मांगी गई है। अधिकारियों का कहना है कि बजट मिलने के बाद श्रमिकों के खातों में भुगतान की प्रक्रिया में तेजी आएगी।
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जिन ग्राम पंचायतों की आईडी जनरेट हो गई थी और कार्ययोजना स्वीकृत हो चुकी थी, वहां कार्य कराया जा रहा है। शासन से श्रमिक मद में बजट जारी हो चुका है। अभी तक केवल चार श्रमिक ऐसे मिले हैं, जिन्हें काम नहीं मिल पाया है।
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-संजय शर्मा, उपायुक्त श्रम रोजगार
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