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कुष्ठ सेवाश्रम को हड़पने का आरोप

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कुष्ठ सेवाश्रम को हड़पने का आरोप
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आश्रम संस्थापक स्व. डॉ. कमलादत्त के नाती ने आयुक्त को भेेजा पत्र
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। कुष्ठ सेवाश्रम को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं। आश्रम के संस्थापक स्व. डॉ. कमलादत्त त्रिपाठी के नाती अमित शुक्ल ने आयुक्त अनिल सागर को पत्र भेजकर संस्था को हड़पने का आरोप लगाते हुए जांच की मांग उठाई है।
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आयुक्त को भेजे शिकायती पत्र में शुक्ल ने कहा है कि उक्त संस्था की स्थापना बाबा राघवदास की स्मृति में उनके नाना स्व. डॉ. कमला दत्त त्रिपाठी ने वर्ष 1953 में की थी। हथियागढ़ स्थित आश्रम में कुष्ठ चिकित्सालय भी स्थापित कराया गया था। अविभाजित जिले की सभी तहसीलों के अलावा एक दर्जन स्थानों पर इसके केंद्र कार्यरत थे। इसके अलावा गोंडा जिले में भी कुष्ठ सेवाश्रम का केंद्र संचालित होता था। उस समय विभिन्न संस्थाओं की ओर से इसमें अनुदान के रूप में कुल प्राप्तियां हुई थीं। यह वर्ष 1978 की आय व्यय पंजिका में भी दर्ज है। यह संस्था 34 वर्ष तक ठीक ढंग से संचालित हुई। इसके बाद संस्थापक डॉ. त्रिपाठी की मृत्यु के बाद तत्कालीन डीएम ने सीडीओ को आश्रम का रिसीवर नियुक्त कर दिया। एक सदस्य ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर कार्यवाहक सचिव का पद हासिल कर लिया। इसकी शिकायत के बाद तत्कालीन डीएम ने डॉ. रमेश चंद्र श्रीवास्तव को सचिव तथा अमित शुक्ल, डॉ. कमला दत्त की पुत्री उषा शुक्ला, दयाराम मिश्र व माता बदल चौधरी को कार्यकारिणी सदस्य बनाया। इसके बाद आश्रम व्यवस्थित हो गया। अमित का आरोप है कि सचिव डॉ. रमेश की अस्वस्थता का लाभ उठाकर एक व्यक्ति जिसके पिता आश्रम में नौकरी करते थे। वह इस पर कब्जा करने की कोशिश में जुटा है। अमित ने आयुक्त को तत्कालीन एसडीएम चंद्रमोहन गर्ग के जांच की कॉपी भी आयुक्त को भेजी है। इसमें बिंदुवार अभिलेखों की मांग की गई है। अमित कहते हैं कि इस मामले को डीएम ने भी जांच के लिए 28 अक्तूबर 2018 को सीआरओ की जिम्मेदारी दी थी, मगर आज तक इसकी जांच नहीं हो सकी।
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