बस्ती। जेम पोर्टल यह सरकार का महाबाजार है। इससे खरीदारी में तमाम सुविधाएं हैं। मसलन खुले बाजार में मिलने वाले अधिकांश सामानों को यहां सस्ते दर पर बेचा जाता है। इस पोर्टल पर दुनियाभर के बाजार हैं। सरकार ने इस पोर्टल को लांच करने के बाद सभी विभागों को यह आदेश दिया कि कोई भी खरीद वे इसी पोर्टल से करें। इसके लिए सबसे पहले वे पोर्टल पर पंजीकरण करा लें, मगर आज भी सरकारी तंत्र इस पोर्टल से खरीद को बचते फिर रहा है। तभी तो अब तक केवल 22 सरकारी विभागों का पंजीकरण इस पर हो सका है और 56 विभागों ने इस पर पंजीकरण में कोई रुचि नहीं दिखाई है।
केंद्र व प्रदेश सरकार सरकारी विभागों की खरीद को पारदर्शी व सस्ते दर पर खरीद करने की योजना को अमली जामा पहनाया। जेम पोर्टल पर दुनिया का महा बाजार में सरकारी तंत्र को जोड़ वहां से खरीद करने का निर्देश दिया है। इससे जहां एक ओर सस्ते दर पर सामान उपलब्ध हो जाएंगे वहीं तमाम जांच पड़ताल और आरोपों से भी सरकारी विभाग बचे रहेंगे, मगर सरकार की यह मंशा अपने जिले में अभी फलीभूत नहीं हो पा रही है।
शासन की मंशा के मुताबिक विभागों को जिला उद्योग केंद्र के माध्यम से पंजीकरण व खरीद के लिए दो बार प्रशिक्षित भी किया जा चुका है मगर सरकारी तंत्र जेम पोर्टल से बचते फिर रहे हैं। इसका चाहे जो कारण हो, मगर सरकार की मंशा को अपने जिले में करारा झटका लग रहा है। जिला उद्योग केंद्र के अधिकारी की मानें तो इस पर तीन लोगों का रजिस्ट्रेशन होता है। पहला ऑर्डर करने वाले का, दूसरा सामान लेकर जांच करने वाले का तथा तीसरा भुगतान यानी आहरण वितरण अधिकारी का। अधिकारी के मुताबिक जिन सरकारी संस्थानों का पंजीकरण इस पोर्टल पर होगा वह विषम परिस्थितियों को छोड़ अथवा पोर्टल पर मिलने वाले सामान की कीमत से कम होने पर ही बाहर से खरीदारी कर सकता है।
बोले उपायुक्त उद्योग
जिला उद्योग केंद्र के उपायुक्त उदय पासवान ने कहा कि जेम पोर्टल पर सभी सरकारी विभागों का पंजीकरण जरूरी है, मगर अब तक 78 में से केवल 22 ने पंजीकरण कराया है, जबकि सभी विभागों को दो बार प्रशिक्षण भी कराया गया है। उन्होंने कहा कि पंजीकृत कोई भी सरकारी संस्थान सबसे पहले जेम पोर्टल पर ही खरीद का आर्डर करें। यदि उससे सस्ता सामान स्थानीय बाजार में उपलब्ध हो तभी उसे क्रय करें। क्योंकि वर्ष भर बार सरकार स्वयं इसका ऑडिट कराएगी और जेम पोर्टल के बाजार मूल्य से अधिक में सामान खरीदा पाया तो संबंधितों के खिलाफ वसूली व अन्य विधिक कार्रवाई शासन करेगा।