पट्टा खत्म, फिर भी हो रहा बालू का खनन
मंडी लगाकर हो रही बिक्री, शिकायत पर डीएम ने दिए जांच के आदेश
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अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती।
जिले में रेत खनन के पट्टे की अवधि समाप्त हो चुकी है, बावजूद इसके खनन हो रहा है। यहीं नहीं खुलेआम शहर के सटे मूड़घाट तिराहे पर बालू की मंडी लग रही है। शिकायत होने पर डीएम और एडीएम ने एआरटीओ और खनन विभाग के लोंगों को जांच करने का आदेश दिया।
इसे खनन विभाग की लापरवाही कहें या फिर प्रशासन की शिथिलता माना जाए। खनन का पट्टा न होने के बावजूद शहर के मूड़घाट सहित अन्य क्षेत्रों में बालू का अवैध धंधा हो रहा है। इन धंधेबाजों के पास बालू बेचने और परिवहन करने का अधिकार पत्र मांग भी नहीं रहता। मांगने पर कहते हैं कि जब जिले में वैध खनन नहीं हो रहा है तो वैध कागजात कहां से मिलेगा। यही बात जब कुछ बालू का डंप करने वालों से पूछा गया तो उन्होंने भी वही जवाब दिया जो ट्रॉली वाले ने दिया। दुबौलिया ब्लॉक के ग्राम डिगंरापुर में बालू खनन का पट्टा हुआ था, पटटा 28 दिसंबर 2017 की मध्य रात्रि 12 बजे से समाप्त हो गया। बावजूद खनन जारी है। जिन स्थानों पर खनन होने की जानकारी और प्रशासन को शिकायतें मिल रही है, उनमें महुआपार कला खंड एक, महुआपार कला खंड दो, हेंगापुर, बरदिया लोहार, टेढ़वा आदि स्थान शामिल हैं।
ब्लॉक प्रमुख रामनगर को मिला खनन का पट्टा
एडीएम भगवान शरण ने बताया कि कुछ दिनों में बालू की समस्या खत्म हो जाएगी। चार जनवरी को रामनगर के ब्लॉक प्रमुख राम नरेश चौधरी की फर्म चौधरी कंस्ट्रक्शन को पट्टा संबंधी कागजात दिए गए हैं। एक दो दिन में सदर तहसील के ग्राम महुआपार कला खंड एक में फर्म द्वारा खनन शुरू कर दिया जाएगा। बालू खनन का ठेका चार करोड़ 43 लाख 92 हजार में 406 रुपये प्रति घन मीटर की दर से दिया गया। तीन अन्य को भी जल्द ही अनुमति पत्र जारी कर दिया जाएगा।