बस्ती। शहर में गिदही पावर हाउस में ट्रांसमिशन में खराबी के चलते शहर में साढ़े तीन घंटे बिजली गुल हो गई। दिन में शहरवासियों को उमस भारी गर्मी का सामना करना पड़ा। कारोबारियों ने जेनरेटर के सहारे दुकानदारी की। शहर के 25 वार्डों में करीब सवा लाख लोग रहते हैं।
नवरात्र व मुहर्रम में बिजली कटौती ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बृहस्पतिवार को गिदही पावर हाउस के ट्रांसमिशन में खराबी के चलते शहर की बिजली बाधित हो गई। जिसको बहाल करने में साढ़े तीन घंटे लग गए। तब जाकर शहरश में बिजली आपूर्ति सामान्य हुई। वहीं फाल्ट के चलते रौतापार, कटरा, गांधीनगर में सुबह 11 बजे से ही बिजली चली गई थी। घर में महिलाएं व बच्चे बेहाल रहे। हाथ के पंखे का सहारा लिया। उपभोक्ताओं की माने तो उमस बढ़ते ही कटौती में इजाफा हो जाता है। दिन में गर्मी से दुकान और घर में रहना मुश्किल है।
शहरवासी पहले से ही लो वोल्टेज की समस्या से जुझ रहे है। आए दिन लोकल फाल्ट ने उपभोक्ताओं की समस्या बढ़ा दी है। शहर में दुर्गा पूजा समारोह के चलते ट्रांसफार्मर पर लोड बढ़ गया है। जिससे फाल्ट की समस्या ज्यादा हो रही है। शहर में ट्रांसफार्मर चलने पर मोहल्ले में अंधेरा छा जाता है। इमरजेंसी के लिए विभाग के पास केवल दो ट्राली ट्रांसफार्मर 400 केवीए की व्यवस्था है। अगर अगर कही और फाल्ट होता है। तो वहां के लोगों को अंधेरे में रहना पडेे़ेगा।
मांग व आपूर्ति में अंतर
उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन से गिदही पावर हाउस को 270 मेगावाट बिजली की आपूर्ति की जा रही है। जबकि आवश्यकता 300 मेगावाट है। मंडल मुख्यालय को 30 मेगावाट सप्लाई कम मिल रही है। जबकि त्योहार में मांग बढ़ गई है। संतकबीरनगर और सिद्धार्थनगर में सप्लाई की जाती है।
400 केवीए का अतिरिक्त ट्रांसमिशन केंद्र जरूरी
मुख्य अभियंता ई. ओपी यादव ने बताया कि शहर में निर्बाध बिजली सप्लाई के लिए 400 केवीए के अतिरिक्त ट्रांसमिशन केंद्र की आवश्यकता है। इसके लिए जमीन खोजी जा रही है। जिससे मंडल व शहर में बिजली 24 घंटे सप्लाई हो सकेगी। कलवारी में 132 व रुधौली में 220 केवीए के नए उपकेंद्र बनाए जाएंगे। वहीं आईपीडीएस योजना के तहत नंगे तार को बदल कर शहर में केबल लगाया जाएगा। इससे बिजली चोरी कम होगी। अगले मार्च तक शहर में कटौती मुक्त बिजली लोगों को मिलने लगेगी। ट्रांसमिशन में खराबी के चलते 2 बजे से 5.30 बजे तक शहर में बिजली आपूर्ति बाधित रही।