महरीपुर के किसानों के मुआवजे को दो सांसद सामने आए
बस्ती।
महरीपुर के किसान मुआवजा पाने के लिए दो साल से अधिक समय से परेशान हैं। इस बीच यहां के किसान सीएम से लेकर पीएम और स्थानीय प्रशासन तक से गुहार लगा चुके हैं। मगर एनएचएआई न तो मुआवजा दे रहा है, और न सड़क का ही निर्माण करा रहा है। इतना ही किसानों को यह नहीं नहीं बता रहे हैं कि मुआवजा मिलेगा या नहीं? बस मंत्रालय से अनुमति मिलने की बात कहकर किसानों को गुमराह किया जा रहा है। अब इस मामले में डुमरियागंज के सांसद जगदम्बिकापाल और कुशीनगर के सांसद राजेश पांडेय ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर उनसे किसानों का मुआवजा दिलाने की मार्मिक अपील की है।
राष्ट्रीय राज मार्ग संख्या 233 इंडो-नेपाल बॉर्डर नाम से कलवारी से ककहरवा मार्ग का निर्माण हो रहा है। मुआवजे की लड़ाई लड़ रहे किसान बलवंत सिंह सहित अन्य ने बताया कि किमी. 99 से 100.400 किमी के बीच ग्राम महरीपुर आता है। एनएचएआई ने सड़क निर्माण करने से पहले किसानों की जमीनों को अधिग्रहीत करने के लिए 28 अप्रैल 2015 और सात दिसंबर 2015 को गजट किया। कहते हैं कि गजट किए दो साल हो गए मगर एनएचएआई ने न तो अभी किसानों को जमीन का मुआवजा दिया और न लगभग डेढ़ किमी. सड़क का निर्माण ही किया। किसान जब भी मुआवजा मांगने जाते हैं। अधिकारी यह कहक र वापस कर देते हैं कि मुआवजे की रकम अधिक हो जाने से मंत्रालय ने सड़क की चौड़ाई को कम कर दिया और अब उसी जमीन पर सड़क का निर्माण होगा जितना सरकार के नाम दर्ज है। वहीं, किसानों का यह कहना है कि गजट जारी होने को दो साल हो गए मगर अभी तक एनएचएआई ने महरीपुर के किसानों को यह नहीं बताया कि किस मानक पर सड़क का निर्माण होगा। कहते हैं कि चूंकि अधिसूचना जारी के मामले में विभाग के अधिकारी फंस चुके हैं और वह अपनी कमियों को छिपाने के लिए मंत्रालय को गुमराह कर रहे हैं। सीएम के लिखने के बाद भी स्थानीय प्रशासन इस मामले में कोई हस्तक्षेप नहीं कर रहा है।
पोर्टल, कॉल सेंटर से जुड़ेंगे गन्ना किसान
बभनान।
किसानों की आय दोगुनी करने एवं विभिन्न तरह की जानकारी हासिल करने के लिए सरकार कई तरह की योजनाएं चला रही है। शासन की मंशा के अनुरूप गन्ना विभाग में एम किसान पोर्टल और कॉल सेंटर चालू किया है। इस तरह की योजनाओं से किसानों को घर बैठे कई तरह की जानकारियां हासिल होंगी।
उप गन्ना आयुक्त (पूर्वी क्षेत्र) गोरखपुर डॉ. आरबी राम ने इसके लिए गन्ना विभाग एवं चीनी मिलों को दिशा निर्देश जारी कर दिया है। मंगलवार को बभनान गन्ना समिति कार्यालय पर इसका शुभारंभ ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक अजीत कुमार पांडे ने किया। उन्होंने बताया कि किसान पोर्टल और कॉल सेंटर से जुड़ने के लिए किसानों को टोल फ्री नंबर 1800 180 1551 पर निशुल्क कॉल करके मांगी जा रही सूचना देकर पोर्टल से जुड़ सकते हैं। इस योजना से किसानों को गन्ने के साथ-साथ अन्य फसलों के संबंध में भी जानकारियां मिलेंगी। इसमें तमाम कृषि वैज्ञानिक किसानों के प्रश्न का जवाब देंगे। साथ ही खेती के अनेक पहलुओं एवं गन्ना प्रजाति और रोकथाम सहित कई तरह की जानकारियां निशुल्क हासिल की जा सकती हैं।