बस्ती। गांवों के विकास के नाम आए धन का तीन प्रधान और तीन पंचायत सेक्रेटरी ने मिलकर बंदरबांट कर लिया। 18.35 लाख रुपये का खेल हुआ। इसका खुलासा जिला परीक्षा परीक्षा अधिकारी ने की है। अपनी रिपोर्ट ने इन्होंने दोषी पाए गए प्रधानों और सेक्रेटरियों गबन किए गए धन की वसूली और कठोर अनुशासनिक कार्रवाई की रिपोर्ट डीपीआरओ को की है। मामला रामनगर और कप्तानंगज ब्लॉक के ग्राम पंचायत चंदोखा एवं पिलखांव का है।
अफसरों को कार्रवाई के लिए दी गई रिपोर्ट में कहा गया है कि दोनों ग्राम पंचायतों में बिना कार्य कराए सरकारी धन का बंदरबांट कर लिया है। इसके लिए प्रधान और सेक्रेटरी दोनों दोषी पाए गए हैं। जिला लेखा परीक्षा अधिकारी वीरेंद्र प्रताप सिंह की ओर से कार्रवाई के लिए जारी पत्र में कहा गया है कि ब्लॉक कप्तानगंज के ग्राम पंचायत पिलखांव में ग्राम निधि प्रथम से 16 दिसंबर व 23 दिसंबर 2015 में दो चरणों में 64883 रुपये निकाले गए। ज्येष्ठ लेखा परीक्षक ने जब इसकी जांच की पता चला कि धन तो निकाल लिया गया, मगर कार्य नहीं कराए गए और कराए गए कार्यो का अभिलेख ही दिया गया। यह धनराशि पंचायत चुनाव के दौरान निकाले गए और धन निकालने से पहले किसी अधिकारी से अनुमति नहीं ली गई। इसके लिए पूर्व प्रधान सूर्यनारायण तिवारी और ग्राम पंचायत अधिकारी मांडवी सिंह को दोषी पाया गया।
दूसरी आडिट रिपोर्ट में रामनगर ब्लॉक के ग्राम पंचायत चंदोखा में किए गए सरकारी धन के दुरुपयोग का जिक्र किया गया। इसका ऑडिट ज्येष्ठ लेखा परीक्षक गिरीशचंद्र ने की। इस ग्राम पंचायत में भी ग्राम निधि प्रथम से पहली अप्रैल 15 से 31 दिसंबर 15 तक कुल 3,39,500 रुपये निकाले गए। मगर कार्य न कराकर धन का गबन कर लिया गया। इसके लिए पूर्व प्रधान गनेश गिरी और ग्राम पंचायत अधिकारी चंद्रभान को दोषी पाया गया। इसी तरह पंचायत चुनाव के बाद इसी ग्राम पंचायत में ग्राम निधि प्रथम से पहली जनवरी 16 और 31 मार्च 16 तक कुल 14,30,964 रुपये निकाले गए। जब ऑडिट वालों ने छानबीन किया तो पता चला उक्त धनराशि का मिलकर गबन कर लिया गया। इसके लिए ऑडिटर ने प्रधान मालती सिंह और ग्राम पंचायत सेक्रेटरी चंद्रभान को दोषी माना और इन सभी से धनराशि की वसूली और कठोर अनुशासनिक कार्रवाई करने की संस्तुति की गई है।
े
सोहन सिंह