रोडवेज बस्ती डिपो के बेड़े में खड़ी बसें संवाद
बस्ती। कांवड़ यात्रा के मद्देनजर बस्ती-अयोध्या फोरलेन पर लागू रूट डायवर्जन ने रोडवेज की कमर तोड़ दी है। आवाजाही पर रोक-टोक और वैकल्पिक मार्गों पर भी परिचालन की सीमाओं के चलते परिवहन निगम की करीब 80 प्रतिशत बसें बेड़े में ही खड़ी हैं। रविवार शाम तीन बजे तक निगम की 102 बसों में से महज 16 ही रूट पर निकल सकीं। 86 बसें परिसर में खड़ी रहीं। इससे निगम की आय प्रभावित होने के साथ यात्रियों की परेशानी भी बढ़ गई है। कांवड़ यात्रा को लेकर 11 अगस्त तक रूट डायवर्जन लागू है। इसके चलते गोरखपुर से लखनऊ और अन्य जिलों के लिए वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए गए हैं। जरूरी सेवाओं को इन मार्गों से चलाने की अनुमति है, लेकिन सामान्य बस संचालन प्रभावित है। रोडवेज अधिकारियों के मुताबिक डायवर्जन के कारण सवारियों की संख्या भी कम हुई है। जो यात्री सफर के लिए पहुंच रहे हैं, उन्हें भी कई मार्गों पर बस उपलब्ध कराना मुश्किल हो रहा है।
रूट डायवर्जन का असर निगम के साथ अनुबंधित बस सेवाओं पर भी पड़ा है। संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर, गोरखपुर और अंबेडकरनगर रूट पर चलने वाली कई बसों का संचालन फिलहाल रोक दिया गया है। वहीं लखनऊ, दिल्ली, कानपुर और बांसी रूट की सेवाएं भी प्रभावित हैं।
बसों के बड़ी संख्या में परिसर में खड़े रहने से स्टेशन पर जगह की समस्या उत्पन्न हो गई है। संवाद