फोटो -कल्याणपुर गांव के पास लोलपुर-विक्रमजोत तटबंध
बस्ती। सरयू नदी के आसपास बसे गांवों को बाढ़ की विभीषिका से बचाव और बढ़ते जलस्तर से प्रभावित क्षेत्रों को राहत देने के लिए लोलपुर-विक्रमजोत तटबंध पर डैंपनर निर्माण परियोजना की मंजूरी मिल गई है। तटबंध पर 8.25 करोड़ रुपये की लागत से डैंपनर निर्माण होगा। कार्य की अवधि तीन माह तय है। इस कार्य से कई तटबंध सुरक्षित होगा और गांवों में बाढ़ और कटान का खतरा टलेगा।
सरयू (घाघरा) नदी हर साल अपने जलस्तर से प्रभावित क्षेत्रों में ताडंव मचाती है। इसी लिए लोलपुर-विक्रमजोत तटबंध संवेदनशील बना रहता है। डैंपनर निर्माण के लिए यहां से प्रस्ताव भेजा गया था। जिस पर स्वीकृति मिल गई है। तटबंध के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और विभाग जल्द ही निर्माण कार्य शुरू कराने की तैयारी में है। विभागीय जानकारी के अनुसार कार्य शुरू होने के बाद इसे तीन माह के भीतर पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
परियोजना के तहत तटबंध को मजबूत करने के साथ डैंपनर का निर्माण किया जाएगा, जिससे नदी के तेज बहाव व कटान पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सकेगा। घाघरा नदी के किनारे बसे दर्जनों गांव हर वर्ष बाढ़ की चपेट में आ जाते हैं। बाढ़ खंड के अधिकारियों ने बताया कि हर्रैया तहसील में स्थित घाघरा नदी के बायें तट पर स्थित लोलपुर-विक्रमजीत तटबंध की सुरक्षा के लिए किमी 1.46 से किमी 2.60 के मध्य डैंपनर निर्माण कार्य होगा।
इसके बनने से लगभग दर्जनों गांव को नदी के तेज कटान से छुटकारा मिलेगा। सरयू नदी की बाढ़ से तटबंधों को बचाने के लिए सरकार से मंजूरी मिलने के बाद तैयारी चल रही है।
78.650 किमी. का है तटबंधों का दायरा : जिले में सरयू नदी के किनारे से करीब 78.65 किमी. का तटबंध बनाया गया है। इसे आठ भागों में विभाजित कर तटबंधाें की देखरेख करता है। इसमें लोलपुर-विक्रमजोत 7.95, कटरिया-चांदपुर 5.4, चांदपुर-गौरा 1.8, सैफाबाद-कलवारी 5.8, गौरा-सैफाबाद 13.4, विक्रमजोत-धुसवा 13.5, काशीपुर-कटारिया 11.5 और कलवारी-रामपुर 19.3 किमी. तटबंध है।