कई जगहों पर नहीं मिला शौचालयों का निर्माण और प्रयोग
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बस्ती। शासन ने खुले में शौच मुक्त को कमर कस लिया है। इसके लिए दो अक्टूबर तक की समय सीमा तय है, मगर शासन ने इसमें थोड़ी तब्दीली कर दी है। अब तक हुए ओडीएफ के सत्यापन के लिए पंचायत राज विभाग को स्वच्छ भारत मिशन के तहत 31 दिसंबर तक का समय दे दिया है। हालांकि अब भी जिले में ओडीएफ के लिए 1043 राजस्व गांव शेष है। यही नहीं अब भी शौचालय के लक्ष्य के सापेक्ष 13 हजार निर्माण के लिए अवशेष रह गए हैं।
जिले में कुल 1235 गांव हैं, जबकि इनके राजस्व गांवों की संख्या 3093 है। यहां शौचालय का लक्ष्य तीन लाख नौ सौ निन्यावे तय है। शासन ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत सभी गांवों को दो अक्टूबर तक ओडीएफ करने का लक्ष्य तय किया था, लेकिन दो दिन का समय शेष है और अब भी 2050 गांवों तक ओडीएफ की रोशनी पहुंच पाई है। हालांकि यह आंकड़ा कितना कागजी है यह तो सत्यापन के बाद खुलकर सामने आएगा, मगर फिलहाल कागज में अब केवल 1043 गांवों को ही ओडीएफ किया जाना है। शौचालय निर्माण की भी स्थिति कागजों में बेहद खुशगवार है। क्योंकि लक्ष्य के सापेक्ष मात्र 13 हजार शौचालय बनाए जाने शेष हैं। हालांकि पिछले दिनों डीएम के निरीक्षण में निर्माण की कलई खुल गई थी मगर अब अगली बार के निरीक्षण का इंतजार है। जियो टैगिंग में यहां की उपलब्धि 74 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जबकि जिले का रैंक इसमें 42 वें स्थान पर है। सूत्रों की मानें तो अब भी तमाम गांव जिन्हें ओडीएफ घोषित कर दिया गया है वहां लोग खुले में शौचालय जा रहे हैं। यह अलग बात है कि तमाम घरों में शौचालय का निर्माण कराया जा चुका है। डीपीआरओ शिवशंकर सिंह ने कहा कि शौचालय निर्माण पूरा होने के कगार पर है। चूंकि अब समय सीमा बढ़ गई है। ऐसे में लक्ष्य के मुताबिक शौचालय निर्माण व ओडीएफ दोनो शत प्रतिशत कर दिया जाएगा।