दुबौलिया। घटती सरयू भी कोई कोर कसर नहीं छोड़ रही है। कटरिया-चांदपुर तटबंध पर नदी का दबाव बरकरार है। यहां करीब डेढ़ मीटर बांध भी क्षतग्रिस्त हुआ है, जबकि सैफाबाद तटबंध के ठोकरों पर भी दरारें आ गई हैं।
बृहस्पतिवार को सरयू नदी खतरे के निशान 92.730 से छह सेमी नीचे 92.670 मीटर पर प्रवाहित हो रही है। जिले के अति संवेदनशील तटबंध कटरिया-चांदपुर पर नदी का दबाव बरकरार है। धारा तेज होने से दबाव बना हुआ है। दोपहर तेज बारिश के दौरान करीब 20 मीटर बेस व ढेड मीटर बंधे के नीचे का हिस्सा भी कट गया। मौके पर बाढ़ खंड के अधिकारियों ने तत्परता दिखाते हुए कटान स्थल पर मरम्मत कर दिया। बुधवार की शाम से हो रही बारिश से मरम्मत कार्य में बाधा पहुंची। खलवा गांव के पास नदी की धारा सीधे बंधे से टकरा रही है। वहीं इसी ब्लॉक के पारा गांव के निकट गौरा सैफाबाद तटबंध पर पानी के तेज दबाव के चलते ठोकरों में दरारें पड़ गई हैं। स्परो का नोज बैठ रहा है। स्पर संख्या छह पर पानी का ज्यादा वेग है। जहां मरम्मत का कार्य चल रहा है। जबकि पारा गांव के ग्राम प्रधान मुकेश सिंह, बृजेश सिंह, ब्रह्मदेव सिंह, चन्द्र भूषण, राजकुमार सिंह, धर्मेन्द्र सिंह आदि का कहना है कि पारा गांव के पास बने ठोकर बैठ रहे हैं। बाढ़खंड मरम्मत कार्य बहुत धीमी गति से कर रहा है। कहीं यह लापरवाही भारी न पड़ जाए। इसी तटबंध से सटे दिलासपुरा गांव के निकट सरयू नदी लगातार कृषि योग्य जमीन अपने में मिला रही है। जिससे दिलासपुरा गांव पर भी खतरा आसन्न है।
बारिश से फिर बढ़ सकती है सरयू नदी
विक्रमजोत। सरयू नदी का जलस्तर शुक्रवार को बढ़ सकता है। केंद्रीय जल आयोग कार्यालय अयोध्या के सूत्रों के मुताबिक नदी वार्निगं लेबल पार कर 92.750 तक पहुंच सकती है। नदी हलांकि पांच सेमी नीच है, लेकिन तटवर्ती क्षेत्रों केशवपुर, भदोई, भरथापुर, कल्याणपुर, सहजौरा पाठक में भीषण कटान हो रही है। लोलपुर विक्रमजोत बांध पर किसी भी प्रकार का अनुरक्षण कार्य नहीं किया जा रहा है न ही दो दिनों से बाढ़ विभाग का कोई अधिकारी स्थिति जानने पहुंचा है। इसकी शिकायत ग्रामीणों ने फोन पर उच्चाधिकारियों से भी की है। बाढ़ चौकी गौरियानैन पर कोई कर्मचारी तैनात नहीं होने से लोगों में कटान की दहशत भी है। बारिश के चलते सरयू नदी का जलस्तर रोज घट-बढ़ रहा है। जलस्तर के दुबारा बढ़ने से जहां कटान वाले गांव के पास नदी का दबाव बढ़ गया है, वहीं जलस्तर बढ़ता देख ग्रामीणों में खलबली मच गई है। केशवपुर गांव में नदी का पानी एक बार फिर रिहायसी क्षेत्रों में बढ़ने लगा है। तटबंध के ठोकरों पर नदी का दबाव बढ़ गया है। बाघानाला व भरथापुर के निकट कटान का सिलसिला जारी है। बाघानाला के दुखी, अमित कुमार, विनोद कुमार भरथापुर के फागू, जितेंद्र सिंह, दयाराम का कहना है कि रात में गिरते करारों की आवाज सुनकर भयभीत हो जाते हैं। कल्यानपुर में केशवचंद पांडेय के घर के पीछे सुबह जब करार गिरा तो लोग सहम गए। स्कूल के पूरब नदी कटान करती हुई आबादी से सट गई है।
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कुआनों पर बना बांस का पुल बहा
लालगंज। तेज बारिश के चलते खखरा अमनाबाद में कुआनों नदी पर बना बांस का पुल बह गया। इसके चलतेे दर्जन भर गांवों के लोगों का आवागमन बाधित हो गया है।
क्षेत्र के माधवपुर, तुलसीपुर, मेहनौना, मसुरिहा, दैैजी, अमरौना, कड़सरी, सिल्लो सहित एक दर्जन गांवों के ग्रामीणों को लालगंज बाजार व ब्लॉक मुख्यालय तक आने-जाने के लिए कुआनों नदी पर ग्रामीणों द्वारा बनाया गया यह बांस का पुल ही एक सहारा था। तेज बारिश व नदी के प्रवाह में बृहस्पतिवार को यह पुल पानी की तेज धारा में बह गया। हालांकि इसके बहने से कहीं कोई क्षति नहीं हुई है, मगर ग्रामीणों को अब लंबी दूरी तय करनी पड़ेगी। पहले इसी पुल के रास्ते वे साइकिल व पैदल आसानी से पहुंच जाते थे। ग्रामीणों का कहना है कि पुल के रास्ते बच्चों का स्कूल आना-जाना तो होता ही था, लालगंज बाजार भी ग्रामीण इसी रास्ते पहुंच जाते थे। मसुरिहा के ग्राम प्रधान विभूति सिंह ने कहा जलकुंभी के दबाव के कारण बांस का पुल बह गया है। जब पानी थोड़ा कम होगा तो फिर ग्रामीणों के सहयोग से इसे बनाने का प्रयास किया जाएगा।