बस्ती। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से जिला जज मसऊद अली सिद्दकी की
अध्यक्षता में रविवार को जनपद न्यायालय परिसर, कलेक्ट्रेट परिसर और सभी
तहसील मुख्यालयों में मेगा लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसमें 755 मामले
निस्तारित किए गए।
सिविल जज सीनियर डिविजन व जिला विधिक सेवा
प्राधिकरण के सचिव हर्षवर्धन ने बताया कि मेगा लोक अदालत में जनपद
न्यायाधीश द्वारा स्वयं मोटर दुर्घटनाओं से संबंधित प्रतिकर के मामले में
आठ वादों का निस्तारण कर याचिकाकर्ताओं को 14 लाख रुपये प्रतिकर देने का
आदेश पारित किया गया।
जिला जज ने प्रतिकर के मामलों में आपसी सुलह
समझौते पर जोर देते हुए कहा कि इससे पीड़ित परिवारों को शीघ्र न्याय मिल
जाता है। मेेगा लोक अदालत में सिविल के 24, मोटर दुर्घटना के नौ, फौजदारी
के के 384 वादों का निस्तारण करके 24,290 रुपये का अर्थदंड वसूला गया।
राजस्व
के 265, स्टांप के चार, उत्तराधिकार के 12 मामलेेे का निस्तारण करके
61,08, 649 का प्रमाण पत्र निर्गत किया गया। वैवाहिक वाद के आठ, भरण पोषण
के दस, श्रम के एक, अन्य प्रकृति के तीस वाद, बाल संवाद अदालत द्वारा आठ
मामलों को निस्तारित किया गया। मेगा लोक अदालत का कुल 853 लोगों ने लाभ
उठाया।
मेगा लोक अदालत में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अशोक कुमार
सिंह, विशेष न्यायाधीश एससीएसटी विनय खरे, विशेष न्यायाधीश फास्ट ट्रैक
कोर्ट कृपाशंकर शर्मा, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय मृदुला कुमार,
विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट विवेक त्रिपाठी, विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट
राममिलन सिंह, एडीजे रमाशंकर सिंह, इंतेखाब आलम, अशोक कुमार, अजय कुमार
शाही, सीजेएम शबीह जेहरा, एसीजेएम प्रमोद कुमार गुप्ता, आसिफ इकबाल रिजवी,
सौरभ द्विवेदी, सिविल जज जूनियर डिवीजन बस्ती हरिश्चंद्र, जेएम प्रथम
फर्रुख इनाम सिद्दकी, सिविल जज जूनियर डिवीजन खलीलाबाद यशवंत कुमार सरोज,
विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट योगेंद्र नाथ त्रिपाठी आदि शामिल रहे।