शहर से गांव तक नवसंवत का स्वागत करेगी समिति
बैठक में तय हुई रणनीति, छह अप्रैल को निर्मली कुंड परिसर में यज्ञ के साथ होगा कार्यक्रम का आगाज
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। भारतीय संस्कृति और सभ्यता की प्रतीक नव संवत को इस बार शहर से लेकर गांव तक मनाया जाएगा। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा छह अप्रैल 2019 से इसकी शुरुआत यज्ञ हवन से राजा बाजार स्थित निर्मली कुंड परिसर से होगी। यह निर्णय शुक्रवार को प्रेस क्लब में आयोजित नव संवत स्वागत समिति के सदस्यों की बैठक में ली गई। बैठक में नव संवत्सर 2076 के शुभागमन पर शहर के अलावा रुधौली, भानपुर व अन्य तहसीलों में कार्यक्रम तय किए गए।
बताया गया कि यज्ञोपरांत निर्मली कुंड परिसर में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। नव संवत्सर के स्वागत के क्रम में दो सप्ताह पहले से ही विद्यालयों में प्रश्नोत्तरी व पेंटिंग प्रतियोगिताएं आयोजित कराईं जाएंगी। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा की पूर्व संध्या पर शहर में भव्य शोभा यात्रा निकाली जाएगी, जिसमें गांव के किसानों की जीवंतता दर्शाती झांकियां निकलेंगी। इस मौके पर ओम प्रकाश आर्य, हरिपति पांडेय, देवव्रत, सरोज मिश्र, राम सिंह, अशोक कुमार, प्रदीप यादव, राधेश्याम, सौरभ तुलस्यान, पंकज त्रिपाठी, अविनाश, अंकित, ऋषि कुमार, सीताराम, ऋषि खत्री, कुमार अनुभव मिश्र सहित तमाम लोग मौजूद रहे।
‘ईश्वर के चरण ही एकमात्र मोक्ष की राह’
नगर बाजार। जीव माया रूपी सरोवर और काल से मुक्त होने के लिए ईश्वर की शरण में चला जाए। ईश्वर के चरण में ही मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होता है। ईश्वर अवतार भक्तों के विपत्ति व उनकी रक्षा के लिए होती है। ये उद्गार अवध धाम के दिव्यांशु महराज ने व्यक्त किए। वह ग्राम रतास कटया में आयोजित श्रीलक्ष्मी नारायण महायज्ञ व श्रीमद्भागवत कथा में भक्तों पर कथा की अमृत वर्षा कर रहे थे। गजेंद्र मोक्ष की कथा को विस्तार देते हुए कहा कि जीव ही गजेंद्र है। माया सरोवर है ग्राह काल का स्वरूप। इससे मुक्ति का मार्ग ईश्वर चरण है। इस मौके पर पं. राम बहाल त्रिपाठी, विनोद शुक्ल, राजवंत पाडेय, राजेश अग्रवाल, अजय सिंह बड़कऊ, प्रधान राम कुमार सिंह, सतीश मिश्रा, योगन्द्र नाथ तिवारी, इं देवार्षि त्रिपाठी, उमा शंकर गुप्ता, सीता राम मिश्रा, भेजू गुप्ता आदि मौजूद रहे।