दुकानदारों ने बेच दिया फुटपाथ
गांधी नगर का हाल : आठ फिट चौड़े फुटपाथ पर दिन भर सजे रहते हैं ठेले
कई दुकानदार फुटपाथ पर बनवा दिए साइकिल स्टैंड
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। शहर का हृदयस्थल गांधीनगर से गुजरना आसान नहीं रह गया है। यहां के बड़े दुकानदार आठ फिट चौड़े फुटपाथ को पटरी दुकानदारों को बेच दिए हैं। फुटपाथ नहीं होने से वाहन बीच सड़क पर खड़े किए जाते हैं, जिससे मुख्य सड़क गली में तब्दील हो जाती है। रही-सही कसर डिवाइडर ने पूरी कर दी। ऐसे में गांधी नगर की सड़क अतिक्रमण से कराह रही है।
शहर की खूबसूरती चौड़ी सड़क, चमकती लाइटें, डिवाइडर व व्यवस्थित बाजार होते हैं, मगर अपना गांधी नगर तो इससे अलग है। चमचमाती सड़क तो है, मगर वह सिकुड़ गई है। क्योंकि यहां नगर पालिका की फुटपाथ उन दुकानदारों के कब्जे में रहती हैं, जिनकी दुकान नाले के पीछे है। यही दुकानदार इस पटरी का किराया तय करते हैं और माहवारी वसूलते हैं। गांधी नगर की एक किमी सड़क इन स्थितियों के चलते सिकुड़ गई है। मुख्य बाजार में दोनों ओर पटरियों पर ही ठेले सजते हैं। इससे बच गया तो उन दुकानदारों के होर्डिंग से सज जाते हैं जो नालों के पीछे हैं। इन्हें हटाने की हिम्मत किसी में भी नहीं है। यदि कभी अभियान भी चला तो प्रशासन के कोपभाजन रिक्शा, ऑटो वाले होते हैं। पालिका व प्रशासन का तमाम प्रयास यहां नाकाफी साबित हो चुका है। सबसे चौंकाने वाली बात तो यह है कि जहां पुलिस चौकी अतिक्रमण कर पटरी पर बना दी गई है, वहीं, दुकानदार भी इस गलती का फायदा लेते हैं। पटरी न होने के कारण पैदल यात्री सड़क पर चलते हैं। और तो और गांधी नगर में पार्किंग ने भी यात्रा में मुसीबत पैदा कर दी है। सड़क व डिवाइडर के बीच बचे अवशेष स्थानों पर वाहन पार्क होते हैं, जिससे सुबह दोपहर शाम यहां जाम ही जाम। नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष रूपम मिश्रा ने कहा कि गांधी नगर के हालात पालिका के संज्ञान में हैं। इस पर रणनीति बनाई जा रही है कि पार्किंग की व्यवस्था हो जाए। रही फुटपाथ बेचने की बात तो यह संज्ञान में नहीं है। वैसे फुटपाथ को भी व्यवस्थित करने की योजना पालिका की कार्य सूची में शामिल है।