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ग्रामीणों का चकबंदी अफसरों के खिलाफ प्रदर्शन

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ग्रामीणों का चकबंदी अफसरों के खिलाफ प्रदर्शन
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पुराने रास्ते को बदलने से आक्रोशित हैं ग्रामीण
भू माफिया को लाभ देने के लिए रास्ता बदलने का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
विक्रमजोत। छावनी थाना क्षेत्र के तालागांव में आबादी के बीच बने खड़ंजा मार्ग को चकबंदी अधिकारी द्वारा हटाए जाने की सूचना पर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। रविवार की सुबह गांव के दो दर्जन से अधिक ग्रामीण आक्रोशित होकर सड़क पर उतरे और खड़ंजा मार्ग पर प्रदर्शन कर चकबंदी अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की। बाद में सीएम, डीएम व मुख्य चकबंदी अधिकारी को पत्र भेजा गया। इसमें ग्रामीणों ने विक्रमजोत के चकबंदी अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि दबंग भू-माफिया को लाभ पहुंचाने के लिए गांव की बसावट के समय का मार्ग, जिस पर बीस साल पहले पंचायत निधि से लाखों खर्च कर खड़ंजा लगा है को कुछ लोगों के हिस्से में आवंटित कर दिया है। तालागांव निवासी सुनील कुमार, राम निहोर शुक्ल, राम बहादुर, राम निरंजन, तारकनाथ शुक्ल, घनश्याम शुक्ला, सूर्यकुमार, शिव कुमार शुक्ल, चंद्र प्रकाश शुक्ल, सहित तमाम ग्रामीणों का कहना है कि विक्रमजोत-टूटीभीटी मार्ग से तालागांव तक जाने वाली मुख्य संपर्क मार्ग पर गांव के ही कुछ लोगों ने कब्जा जमा लिया है। इस समय गांव में चकबंदी की प्रक्रिया चल रही है। चकबंदी विभाग के कर्मचारी सड़क को गांव के ही एक व्यक्ति के नाम कर देने का कुचक्र रच रहे हैं। तालागांव के प्रधान अजीत प्रताप सिंह ने बताया कि गांव के मध्य बसावट के समय का रास्ता है, जिसपर 20 साल पहले तत्कालीन प्रधान रामपाल यादव द्वारा सरकारी मद से लाखों खर्च करके खड़ंजा लगाया गया था। वर्तमान में इसी मार्ग का उपयोग ग्रामीण आने-जाने के लिए करते हैं। आरोप लगाया है कि चकबंदी विभाग के अधिकारी गांव के कुछ लोगों से मिलकर खड़ंजा लगी इस सड़क को खेत में मिलाने का कुचक्र रचे हैं। इस मौके पर अंबिका प्रसाद, गोमती प्रसाद, रमेश शुक्ला, राममणि, कलावती शुक्ला, वीरेंद्र प्रसाद, वितरण, शारदा प्रसाद, रामविलास, रमेश शुक्ल, राम शंकर, तारकनाथ शुक्ल, चंद्र प्रकाश शुक्ल, रामनिवास शुक्ला आदि मौजूद रहे।
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बिना मुआवजा खंभा गाड़ने पर रालोद का विरोध
प्रदर्शन करते हुए तहसील पहुंचे किसानों ने एसडीएम को दिया ज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
हर्रैया। भौखरी में बन रहे विद्युत वितरण केंद्र की लाइन को टांडा से जोड़ने के लिए बनने वाली नई लाइन के खंभों को काश्तकारों की जमीन में मुआवजा दिए बगैर खोदे जाने को लेकर विरोध शुरू हो गया है। सोमवार को पैकोलिया क्षेत्र के कई गांवों के किसान रालोद नेता चंद्र मणि पांडेय के साथ एकत्रित होकर प्रदर्शन करते हुए तहसील पहुंचे और ज्ञापन देकर फिर से सर्वे कराकर नियमानुसार लाइन बनाए जाने की मांग की।
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विद्युत निगम की कार्यदायी संस्था एसआर कंपनी भौखरी गांव मे 400 केवीए का उप केंद्र बना रही है। इसके लिए बड़ी लाइन बनाने के लिए चार खंभों को जमीन में गहराई तक खुदाई कर पिलर डालने का कार्य हो रहा है। इससे किसानों की कृषि योग्य जमीन में कंपनी के ठेकदार जबरिया खुदाई करा रहे हैं। रालोद नेता चंद्र मणि पांडेय संग तहसील में पहुंचे इटवा राजा, मैभिया, बरगदवा, बसहा, महुआ सहित अन्य गांवों के किसानों का कहना है कि अगर ठीक से सर्वे हुआ होता तो यह लाइन कई गांवों के बाहर से होते हुए निकल जाती। इससे करीब तीन किमी दूरी घट जाती और सरकारी धन का दुरुपयोग नहीं होता। नियमानुसार किसानों को उसके जमीन का मुआवजा देने के बाद ही खंभे गाड़ने चाहिए जबकि कंपनी ने ऐसा नहीं किया। आबादी से 200 मीटर दूरी पर पोल लगाने के नियम की भी अनदेखी की जा रही है। रालोद नेता ने आरोप लगाया कि प्रशासन किसानों का साथ देने के बजाए ठेकेदारों की तरफदारी कर रहा है। सैकड़ों की संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने शासन प्रशासन के विरोध में नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। एसडीएम को ज्ञापन देकर मुआवजा और फिर से सर्वे कराने की मांग की है। चेतावनी दी है कि शीघ्र समाधान नहीं निकला तो शुक्रवार से धरना देंगे। एसडीएम ने समस्या के समाधान के लिए कंपनी व काश्तकारों के साथ बातचीत कर हल निकालने का आश्वासन दिया है।
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