बस्ती। किसानों का 93 करोड़ रुपये का गन्ना पेर कर कारखाने का मालिक दिवालिया हो गया। प्रशासन ने उसकी संपत्ति नीलाम करने की प्रक्रिया जैसे ही शुरू की, बंद पड़ी वाल्टरगंज व बस्ती मिल के प्रबंधन ने हाथ जोड़ लिया। जिले के 63 हजार गन्ना किसानों के तीन वर्ष की कमाई की कीमत का अब सारा दारोमदार प्रदेश सरकार की चीनी उद्योग प्रोत्साहन राशि की रकम पर टिका है। हास्यास्पद यह है कि प्रदेश सरकार से प्रोत्साहन राशि की मंजूरी मिले बिना अठदमा व बंद पड़ी वाल्टरगंज-बस्ती मिल प्रबंधन किसानों और जिला प्रशासन को झांसा दे रहा है।
दोनों मिलों का मालिकाना हक हासिल करने वाली फेनिल शुगर्स लिमिटेड के निदेशक विनोद कुमार सिंह ने 31 अक्तूबर को लिखित रूप से प्रशासन को आश्वस्त किया था कि 15 नवंबर तक दोनों मिलें बिक जाएंगी और 30 नवंबर तक पर किसानों और मिल श्रमिकों का बकाया भुगतान कर देंगे।
मगर शुक्रवार यानी 30 नवंबर तक बहाने बनाने के अलावा कुछ नहीं कर पाए। दोनों मिलों के महाप्रबंधकों ने फिर हाथ खड़ा कर दिया। साफ कहा कि अभी कोई फंड नहीं है। पंजाब की किसी पार्टी से फैक्ट्री बेचने की वार्ता चल रही है। इससे पहले 31 अक्तूबर को डीएम डॉ. राजशेखर को फेनिल शुगर्स ने लिख कर दे दिया था। एडीएम, जिला गन्ना अधिकारी, एसडीएम सदर, तहसीलदार सदर, कारखाने के उपाध्यक्ष, क्षेत्रीय एचआर, क्षेत्रीय वित्त नियंत्रक के अलावा दोनों मिलों के कर्मचारी प्रतिनिधियों की मौजूदगी में 15 नवंबर तक नीलामी प्रक्रिया स्थगित करने की सिफारिश किया। आश्वस्त किया था कि 10 दिन में मिल बिक जाएगी। जिसकी टोकन मनी में प्राप्त रकम से भुगतान करेंगे। मगर ऐसा अभी नहीं कर पाए। रुधौली मिल पर बकाया 42 करोड़ शुगर प्रमोशन पालिसी के तहत मिलने वाली रकम के भरोसे है। जीएम केन उमेश प्रताप शुक्ला का कहना है कि लगभग 95 करोड रुपये अवमुक्त होने बाकी है। वही रकम मिलने पर किसानों को अदा किया जा सकेगा।
बभनान मिल पर बकाया जीरो
28 नवंबर यानी बुधवार देरशाम तक बभनान की बलरामपुर चीनी मिल्स ने गन्ना पेराई सत्र 2017-18 के किसानों का बकाया गन्ना मूल्य कर दिया गया। चीनी मिल के वरिष्ठ श्रम अधिकारी केपी सिंह के हवाले जिला गन्ना अधिकारी रंजीत कुमार निराला ने बताया कि बभनान चीनी मिल पर किसानों के पेराई सत्र 2017-18 का एक भी रुपये बकाया नहीं है। जबकि बजाज हिंदुस्तान शुगर इंडस्ट्रीज अठदमा (रुधौली ) पर अब भी 11 हजार किसानों का 51 करोड़ रुपये बकाया है।
जिले की तीनों मिलों के बकाया
वाल्टरगंज- 42 करोड़
अठदमा (रुधौली)- 51 करोड़
बभनान- कोई बकाया नहीं