मांगों पर विपणन अधिकारी मुखर
बस्ती।
यूपी फूड एंड सिविल सप्लाइज इंसपेक्टर्स और ऑफिसर्स एसोसिएशन के प्रांतीय आह्वान पर शुक्रवार को विपणन निरीक्षक और अधिकारी मुखर हो गए। आरएफसी कार्यालय में कामकाज ठप कर मंडल अध्यक्ष राजेश सिंह के नेतृत्व में धरना दिए। इस दौरान आंदोलनकारी शासन पर अव्यावहारिक नीति व आदेशों के क्रियान्वयन के लिए दबाव बनाने एवं उत्पीड़नात्मक कार्रवाई का आरोप मढ़ा। आंदोलनकारियों ने विरोध में नारेबाजी भी की।
धरने को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि एनएफएसए में आपूर्ति चेन प्रबंधन के अंतर्गत साफ्टवेयर क्रियाशील नहीं है परंतु इसके क्रियान्वयन के नाम पर विपणन निरीक्षकों व क्षेत्रीय विपणन अधिकारियों को निलंबित कर उत्पीड़नात्मक कार्रवाई की जा रही है। अब तक हुए निलंबन को तत्काल वापस किया जाए। गोदामों में आधारभूत संसाधन की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग वक्ताओं ने उठाई। राजेश सिंह ने कहा कि मूल्य समर्थन योजना के तहत स्टेट पूल लागू किया जाए, जिससे क्रय की सरकारी मंशा फलीभूत हो सके। उन्होंने प्रांतीय नेतृत्व की मांगो का समर्थन करते हुए इसे विभागीय व जनहित में बताया। इस मौके पर एएमओ रामजन्म वर्मा, उदय प्रताप सिंह, संजय कुमार जायसवाल, सुरेंद्र कुमार राय, प्रमोद कुमार गुप्ता, अश्वनी कुमार, अभय कुमार शुक्ल, सुनील मिश्र, निशा वर्मा, ध्रुव कुमार, कविता चौधरी सहित तमाम निरीक्षक व अधिकारी मौजूद रहे।
पल्लेदारों ने ठेकेदार के खिलाफ खोला मोर्चा
सांऊघाट। सीडब्लूसी में ठेके पर कार्य करने वाले पल्लेदारों ने शुक्रवार को ठेकेदार अशोक कुमार बागड़िया के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। एकजुट हुए पल्लेदारों ने नारेबाजी की। आरोप लगाया कि ठेकेदार द्वारा तय मजदूरी नहीं दी जा रही है। जबकि प्रति बोरी दो रुपये तय पल्लेदारी तय हुई थी। पल्लेदारों के विरोध को देखते हुए ठेकेदार ने अपने सहयोगियों से मान मनौवल करवाया, मगर श्रमिक अपनी मांग पर अड़े रहे। पल्लेदारों ने ठेकेदार द्वारा मेडिकल सुविधा दिए जाने की भी मांग रखी। सीडब्लूसी के प्रबंधक मनोहर प्रसाद ने बताया कि विभाग बोरियों के उठान व लदान के लिए निविदा के माध्यम से ठेका दिया जाता है। विभाग का इससे कोई लेना देना नहीं कि ठेकेदार कितने में कार्य ले रहा है।